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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नास्तिक सम्मेलन पर हंगामा, पथराव

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Published: Sat, 15 Oct 2016 12:03 AM (IST)

जागरण संवाददाता, वृंदावन (मथुरा): आस्था की नगरी में शुक्रवार को शुरू हुए नास्तिक सम्मेलन ने हंगामा क

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जागरण संवाददाता, वृंदावन (मथुरा): आस्था की नगरी में शुक्रवार को शुरू हुए नास्तिक सम्मेलन ने हंगामा करा दिया। हाथों में तख्तियां और झंडे लेकर विरोध को निकले लोगों ने आयोजन स्थल पर पथराव कर दिया। सम्मेलन में शामिल होने आए लोगों को खदेड़ दिया, उनके वाहन पर हमले की कोशिश हुई। कुछ लोग आयोजन स्थल की दीवार पर चढ़ गए। इस दौरान पुलिस से खींचतान हुई। बार-बार बिगड़ते हालात को काबू करने में पुलिस का पसीना छूट गया। आखिर आयोजकों की ओर से लिखित में माफी मांगी गई।

परिक्रमा मार्ग स्थित बिंदू सेवा संस्थान के संचालक स्वामी बालेंदु ने दो दिवसीय नास्तिक सम्मेलन का आयोजन किया था। गुरुवार को इसकी जानकारी हुई तो विरोध शुरू हो गया। इसके साथ ही संत समाज और मुस्लिमों ने प्रशासन को अल्टीमेटम भी दे दिया। शनिवार सुबह लगभग दस बजे दिल्ली, पंजाब, गुजरात और नासिक के अतिथियों का सम्मेलन में आना शुरू हो गया। इसकी पता लगते ही संत समाज में आक्रोश भड़क गया। सुबह लगभग 11 बजे सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी मोहनानंद लाल बाबा और रालोद नेता ताराचंद गोस्वामी के नेतृत्व में सैकड़ों की भीड़ हाथों में तख्तियां और झंडे लेकर आयोजन स्थल पर पहुंची। वहां हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर फोर्स के साथ मौजूद सीओ सदर आलोक दुबे और सिटी मजिस्ट्रेट रामअरज ने रोकने की कोशिश की, लेकिन भीड़ नहीं रुकी। इसके बाद नास्तिक सम्मेलन के आयोजक बालेंदु गोस्वामी का पुतला फूंकते हुए सड़क पर धरना शुरू कर दिया।

इसके बाद भीड़ बढ़नी शुरू हो गई और संतों के प्रदर्शन में शामिल होते ही हालात बेकाबू होने लगे। इसी बीच युवकों ने आयोजक के रेस्टोरेंट का बोर्ड पत्थर मारकर तोड़ डाला। इसी बीच दिल्ली से टेंपो ट्रैवलर से पहुंचे अतिथियों को भीड़ ने रोका। गाड़ी पर हमले की कोशिश ने पुलिस के हाथ-पैर फुला दिए। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला तो लोग आश्रम की दीवार पर चढ़ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। पथराव करने वाले युवक को पकड़ने पर पुलिस के साथ जमकर तकरार हुई, जिसके बाद पुलिस ने युवक को छोड़ दिया।

हालात बिगड़ते देख अतिथि चुपचाप आश्रम से बाहर निकले। यह देख आक्रोशित लोगों ने उनके साथ अभद्रता की और दौड़ा लिया। लगभग चार घंटे बाद पुलिस ने किसी तरह संत समाज से वार्ता कर स्थिति संभाली। इस पर संत आयोजक से लिखित माफी मांगने पर अड़ गए। इस बात को लेकर काफी देर तक तकरार चली। इसके बाद इंस्पेक्टर मुनीश चंद्र व एलआइयू प्रभारी एमएल गौड़ ने संतों के प्रतिनिधि मंडल की मुलाकात आयोजकों से कराई। मुलाकात के बाद आयोजन को स्थगित करने का लिखित वायदा लेकर लौटे संतों ने अपना विरोध स्थगित कर दिया।

सीओ सदर आलोक दुबे का कहना है कि आयोजन स्थगित हो गया है। यदि किसी पक्ष से तहरीर आती है तो कार्रवाई होगी।

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