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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उभरी लालकृष्ण आडवाणी की पीड़ा

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Sun, 26 Apr 2015 12:19 PM (IST)Updated: Sun, 26 Apr 2015 12:24 PM (IST)

भारतीय जनता पार्टी में हाशिए पर चल रहे वरिष्ठ नेता तथा पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने कल मथुरा में सांसद ...और पढ़ें

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लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी में हाशिए पर चल रहे वरिष्ठ नेता तथा पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने कल मथुरा में सांसद हेमामालिनी का आभार भी कुछ इस अंदाज में जताया कि उनकी पीड़ा साफ झलक गई। उन्होंने कहा हेमा जी धन्यवाद, आपने मुझे यहां बुलाकर जो सम्मान दिया है, वैसा सम्मान मुझे मेरी पार्टी के अन्य किसी सांसद ने आज तक नहीं दिया।

मथुरा महोत्सव में कल देर रात वृंदावन में आडवाणी ने अपने भरतपुर व अलवर संघ प्रचारक काल का स्मरण करते हुए कहा 1946 के बाद अब ब्रज में सम्मान और सौभाग्य उन्हें हेमा जी ने दिया है। उन्होंने कहा कि अब तक उनको ऐसा सम्मान किसी भी सांसद ने नहीं दिया। मथुरा महोत्सव के प्रारंभ और उसमें छिपे निहितार्थ की ओर इशारा करते हुए इस पावन कार्य में मथुरावासियों से पूर्ण सहयोग का आह्वान किया। मंच पर उपस्थित काष्र्णि गुरु शरणानंद ने भी ब्रज संस्कृति को विश्व पटल पर फैलाने के हेमामालिनी के इस उत्कृष्ट प्रयास की सराहना करते हुए उसमें सहयोग करने की अपील की। इस अवसर पर सपा सांसद व अभिनेत्री जया बच्चन ने हेमामालिनी का अपने उत्तर प्रदेश में स्वागत किया। सपा सरकार से आशय जुड़ते देख उन्होंने खुद के उत्तर प्रदेश बहू होने का भी हवाला दिया।

इससे पूर्व सांसद हेमामालिनी ने इस आयोजन को हर वर्ष करने और वर्तमान आयोजन से प्राप्त धनराशि को आपदा पीडि़त किसानों की मदद में देने की घोषणा की।

किसान भाइयों, मरेंगे नहीं, डरेंगे नहीं, लड़ेंगे : धर्मेंद्र

मथुरा महोत्सव के मंच से फिल्म अभिनेता तथा सांसद हेमामालिनी के पति धर्मेन्द्र ने किसानों से मजबूत की मार्मिक अपील की। उन्होंने कहा मेरे किसान भाइयों। यदि अपने धर्मेंद्र से प्यार करते हो वचन दो कि डरेंगे नहीं, मरेंगे नहीं, लड़ेंगे। प्राकृतिक आपदा के बाद लगातार जान दे रहे किसानों से धर्मेंद्र ने फिल्मी अंदाज में कहा कि मेरा गांव मेरा देश की सेवा का संकल्प लो। देश को भोजन देने वाले अन्नदाता चुनौती से लड़ें, भागें नहीं। धर्मेंद्र ने मथुरा वासियों और किसानों के बीच मेरे जाट भाइयों का संबोधन कर अपनी बिरादरी को भी जोडऩे की कोशिश की। उन्होंने मथुरा वासियों से हेमामालिनी का सहयोग करने की अपील की।