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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 23, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छह जिलों के महाविद्यालय सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से संबद्ध

By Nawal MishraEdited By:
Published: Tue, 23 Jun 2015 08:01 PM (IST)Updated: Tue, 23 Jun 2015 08:09 PM (IST)

सिद्धार्थनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर, बस्ती, श्रावस्ती और बलरामपुर के महाविद्यालयों में स्नातक-परास्नातक द्वितीय-तृतीय वर्ष में पढ़ रहे छात्रों के लिए अच्छी ...और पढ़ें

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लखनऊ। सिद्धार्थनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर, बस्ती, श्रावस्ती और बलरामपुर के महाविद्यालयों में स्नातक-परास्नातक द्वितीय-तृतीय वर्ष में पढ़ रहे छात्रों के लिए अच्छी खबर है। इन्होंने भले ही प्रवेश दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय अथवा राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद के तहत लिए होंगे, लेकिन इन्हें उपाधि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु से मिलेंगे। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय सत्र 2015-16 में केवल प्रथम वर्ष की ही परीक्षाएं कराएगा।

अब जबकि 17 जून से सिद्धार्थ विश्वविद्यालय औपचारिक रूप से क्रियाशील हो गया है, ऐसे में प्रभावित होने वाले कालेजों की स्थिति भी साफ हो गई है। शासन ने अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से जिन छह जिलों के 185 कालेजों को संबद्धता मिली है, वहां अध्ययनरत द्वितीय-तृतीय वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं और परीक्षाफल घोषणा का कार्य पूर्व विश्वविद्यालय ही कराएगा, जबकि उपाधि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु से जारी होंगे।

इसी सत्र से पढ़ाई

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के पहले सत्र 2015-16 से ही परिसर में भी पठन-पाठन कार्य होगा। परिसर में प्रवेश के लिए प्रक्रिया जुलाई के दूसरे पखवारे से प्रारंभ हो जाएगी। वहीं शिक्षकों व शिक्षणेत्तर पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया भी इसी के समानांतर चलती रहेगी। शासन से नियुक्ति प्रक्रिया को हरी झंडी मिलते ही विश्वविद्यालय में नियुक्तियों का कार्य शुरू हो जाएगा। विश्वविद्यालय की वेबसाइट भी जल्द ही लांच हो जाएगी।