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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आरएसएस ने कहा गोरखपुर मामले में सरकार मनाए प्रायश्चित दिवस

By Ashish MishraEdited By:
Published: Mon, 14 Aug 2017 09:14 PM (IST)Updated: Mon, 14 Aug 2017 10:01 PM (IST)

आरएसएस अवध प्रांत के संघचालक प्रभु नारायण ने सरकार को एक दिन प्रायश्चित दिवस मनाने की सलाह दी है। कहा कि सरकार अपनी नैतिक जिम्मेदारी से बच नहीं सकती है।

आरएसएस ने कहा गोरखपुर मामले में सरकार मनाए प्रायश्चित दिवस
आरएसएस ने कहा गोरखपुर मामले में सरकार मनाए प्रायश्चित दिवस

लखनऊ (जेएनएन)। बाबा राघव दास मेडिकल कालेज, गोरखपुर में बड़ी संख्या में बच्चों की मौत पर प्रदेश और देश की सियासत गर्मा गई है। कांग्रेस, सपा और बसपा समेत विपक्षी दल योगी सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। सोमवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने भी सरकार को आईना दिखाया है। आरएसएस अवध प्रांत के संघचालक प्रभु नारायण ने सरकार को एक दिन प्रायश्चित दिवस मनाने की सलाह दी है। कहा कि सरकार अपनी नैतिक जिम्मेदारी से बच नहीं सकती है।


संघचालक प्रभु नारायण समय-समय पर अपनी बेबाक टिप्पणी को लेकर चर्चा में रहते हैं। फेसबुक पर उन्होंने पिछले दिनों भाजपा संगठन को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। सोमवार को बाबा राघव दास मेडिकल कालेज, गोरखपुर की घटना पर उन्होंने फेसबुक वॉल पर टिप्पणी करके सरकार और संगठन का माहौल गर्मा दिया। प्रभु नारायण ने लिखा है 'गोरखपुर की दर्दनाक घटना से पूरा देश स्तब्ध है। परमात्मा दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे। यही उनसे एकांत प्रार्थना है।

प्रभु ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के प्रति अपना दुख भी जाहिर किया है। आगे उन्होंने लिखा है 'मुझे इस घटना के बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, शिक्षा स्वास्थ्य मंत्री द्वारा व्यक्त विचार ने दुख दिया है।आगे वह लिखते हैं कि 'ये ठीक है कि वर्तमान मुख्यमंत्री की नीयत अच्छी है किन्तु जो सफाई आंकड़े प्रेस कांफ्रेंस में दिए गए वह उचित नहीं प्रतीत होता है।

चाहे दोषी कोई भी हो सरकार इस हादसे की नैतिक जिम्मेदारी से बच नहीं सकती है। इसके लिए पूरे मंत्रिमंडल समेत भाजपा संगठन को प्रायश्चित करना चाहिए। वे चाहें तो एक दिन का प्रायश्चित दिवस भी मना सकते हैं। सिर्फ विरोध दिवस, शौर्य दिवस आदि तो राजनेता मनाते हैं फिर इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रायश्चित क्यों नहीं करते हैं। मात्र जांचोपरांत कुछ लोगों को शूली पर लटकाने से काम नहीं बनेगा।

प्रभु से जब इस टिप्पणी के बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संवेदनशीलता सीखनी चाहिए। प्रभु नारायण की इस टिप्पणी पर लोगों ने प्रतिक्रिया शुरू कर दी है। ज्यादातर लोगों ने सरकार के प्रति अपना गुस्सा जाहिर किया है।