विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अयोध्या में तो राम मंदिर ही बनेगा : कल्याण सिंह

By Ashish MishraEdited By:
Published: Mon, 25 Jul 2016 09:18 PM (IST)Updated: Tue, 26 Jul 2016 10:27 AM (IST)

कल्याण सिंह ने कहा कि चाहे जब कभी भी बने, अयोध्या में बनेगा तो राम मंदिर ही। परमात्मा से मेरी ...और पढ़ें

News Article Hero Image

लखनऊ (जेएनएन)। राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने कहा कि चाहे जब कभी भी बने, अयोध्या में बनेगा तो राम मंदिर ही। परमात्मा से मेरी यह प्रार्थना है कि अपने जीवनकाल में ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर देख सकूं। इच्छा जतायी कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले की रोज सुनवाई करते हुए जल्दी अपना फैसला सुनाये, इस प्रकरण को लंबा नहीं खींचे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अच्छा तो यह है कि अदालत के बाहर ही कोई हल निकाला जाए क्योंकि मुकदमेबाजी बहुत हो चुकी।

उत्तर प्रदेश के अन्य समाचार पढऩे के लिये यहां क्लिक करें

कभी राम मंदिर आंदोलन के अगुआ रहे कल्याण सोमवार को अपने आवास पर पत्रकारों से मुखातिब थे। राम मंदिर को करोड़ों ङ्क्षहदुओं की आस्था से जुड़ा और उनका सपना बताते हुए उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए सांस्कृतिक मुद्दा है। यह अति व्यापक विषय है, इसका राजनीतिकरण इसे संकुचित नहीं करना चाहिए। जैसे ही राजनीति बीच में आती है, आस्था बंट जाती है।

मायावती ने दी लचर सफाई : दयाशंकर-बसपा प्रकरण को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कल्याण ने कहा कि सभ्य समाज में किसी को अभद्र भाषा का प्रयोग करने का अधिकार नहीं है। दयाशंकर ने जो कहा, उसके लिए उन्होंने माफी मांगी, पार्टी ने भी खेद जताया और दंड भी दिया, लेकिन दयाशंकर के किसी कृत्य की सजा उसके परिवार को नहीं दी जा सकती है। मायावती ने इस मुद्दे पर बड़ी लचर सफाई दी है। राजनीति में गाली-गलौज से पार्टियों का नफा-नुकसान तो अलग विषय है, इससे जनता का बड़ा अहित होता है क्योंकि आम जनता से जुड़े मुद्दे पीछे रह जाते हैं।

उत्तर प्रदेश की राजनीति के समाचार पढऩे के लिये यहां क्लिक करें

भाजपा पर दोहरा दबाव : विधानसभा चुनाव में भाजपा को उप्र में कोई चेहरा पेश करना चाहिए या नहीं, इस पर सीधा जवाब देने से बचते हुए कल्याण ने कहा कि यह पार्टी चलाने वाले को तय करना है। उनके मुताबिक इस मुद्दे पर भाजपा पर दोहरा दबाव है क्योंकि हाल ही में कुछ राज्यों में चेहरा प्रस्तुत करके और कुछ अन्य में न पेश करके भी पार्टी कहीं जीती और कहीं हारी। वैसे पार्टी के पास एक से बढ़कर एक सुंदर, काबिल और अनुभवी चेहरे हैं। पार्टी की ओर से उन्हें चेहरे के तौर पर पेश किये जाने के सवाल पर कहा कि आदेश होगा तो मानेंगे। फिर मुस्कुराते हुए बोले, 'अगर बहुत बड़ा शब्द है।