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    अब अमूल दूध में मिला सेहत के लिए खतरनाक कार्बोनेट

    By Ashish MishraEdited By:
    Updated: Wed, 10 Jun 2015 09:23 PM (IST)

    फतेहपुर में अमूल दूध के कलेक्शन सेंटर के नमूने में कार्बोनेट की मिलावट होने की पुष्टि हुई है। खाद्य सुरक्षा की टीम ने नमूने की रिपोर्ट के बाद सौंरा स्थिति मिङ्क्षक्सग प्लांट के तीन नमूने लेकर जांच के लिए भेजा है। विभाग अब कलेक्शन सेंटर के इंचार्ज के खिलाफ रिपोर्ट

    लखनऊ। फतेहपुर में अमूल दूध के कलेक्शन सेंटर के नमूने में कार्बोनेट की मिलावट होने की पुष्टि हुई है। खाद्य सुरक्षा की टीम ने नमूने की रिपोर्ट के बाद सौंरा स्थिति मिङ्क्षक्सग प्लांट के तीन नमूने लेकर जांच के लिए भेजा है। विभाग अब कलेक्शन सेंटर के इंचार्ज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।

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    खाद्य सुरक्षा विभाग ने 10 जनवरी 2015 को ङ्क्षबदकी तहसील के शाहजहांपुर मझिलगांव में अमूल के कलेक्शन सेंटर से दूध का नमूना जांच के लिए भेजा गया था। रिपोर्ट पांच जून को मिली तो अधिकारी भी चौंक गए। दूध में न्यूटीलाइजर कार्बोनेट की मिलावट पाई गई है। जिला अभिहित अधिकारी राजेश द्विवेदी ने बताया की कलेक्शन सेंटर की रिपोर्ट आने के बाद सौंरा स्थित चिङ्क्षलग प्लांट के भी तीन नमूने जांच के लिए भेजे गए है। उन्होंने कहा की कलेक्शन सेंटर के स्थानीय संचालक के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करने के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी गई है। उनके अनुसार दूध में किसी तरह की मिलावट खाद्य सुरक्षा अधिनियम में प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि न्यूटीलाइजर कार्बोनेट का प्रयोग दूध को टिकाऊ बनाने के लिए किया जाता है। सोडियम कार्बोनेट की मिलावट से दूध फटता नहीं है। यह तो वह नहीं बता सकते हैं कि कार्बोनेट मिला दूध स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक है, लेकिन दूध का प्रयोग बच्चे के लेकर बूढ़े सभी करते है। दूध में पानी की मिलावट भी प्रतिबंधित है।

    कार्बोनेट सेहत के लिए नुकसानदायक

    जिला अस्पताल के चिकित्सक डा. एससी राजवंशी कहते हैं कि कोई भी मिलावटी सामान लिवर और गुर्दे पर सबसे पहले प्रभाव डालते हैं, ऐसा ही कार्बोनेट के साथ है। अब सवाल उठता है कि किस माध्यम से और किस मात्रा में कार्बोनेट शरीर के अंदर गया है। उसके हिसाब से नुकसान का आकलन किया जा सकता है। अधिक मात्रा में कार्बोनेट शरीर के अंदर जाने से लिवर कैंसर जैसे कारण बन सकते हैं।