विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नौ रैलियां करेंगे नरेंद्र मोदी

By Edited By:
Published: Sat, 21 Sep 2013 02:51 AM (IST)Updated: Sat, 21 Sep 2013 02:52 AM (IST)

जागरण ब्यूरो, लखनऊ : लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी के पक्ष में माहौल गरमाने के मकसद से भारतीय जनता

News Article Hero Image

जागरण ब्यूरो, लखनऊ : लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी के पक्ष में माहौल गरमाने के मकसद से भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की उत्तार प्रदेश में ताबड़तोड़ रैलियां कराने का फैसला किया है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने शुक्रवार को यहां बताया कि मोदी उप्र में नौ रैलियां करेंगे। नरेंद्र मोदी की पहली रैली 15 अक्टूबर को कानपुर के फूलबाग मैदान में होगी। दूसरी रैली 25 अक्टूबर को झासी और तीसरी आठ नवंबर को बहराइच में होगी। वह वाराणसी, मेरठ, गोरखपुर, बरेली और आगरा में भी रैलियां कर पार्टी के पक्ष में जनसमर्थन जुटायेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर 25 दिसंबर को लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में उनकी महारैली आयोजित होगी। डॉ.वाजपेयी के मुताबिक यह मोदी की प्रदेश में इस साल संभवत: आखिरी रैली होगी। यह फैसला 17 व 18 सितंबर को नई दिल्ली में हुई बैठक में लिया गया।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि रैली में आने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं व लोगों की सुविधा के लिए एलसीडी स्क्रीन भी लगायी जाएंगी। रैलियों के लिए पूरे प्रदेश में स्टिकर व प्रचार सामग्री बांटी जा रही है। रैलियों में पार्टी की बूथ कमेटियों को प्रतिनिधित्व देने की व्यवस्था भी होगी। डॉ.वाजपेयी ने बताया कि बैठक में उत्तार प्रदेश की सभी लोकसभा सीटों पर चर्चा हो गई है। शीघ्र ही प्रत्याशियों की सूची घोषित की जाएगी। उन्होंने मुजफ्फरनगर की घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि एकपक्षीय कार्यवाही के बाद अब राहत भी एकतरफा पहुंचायी जा रही है। केवल समुदाय विशेष के गावो में ही प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री गये। दंगों के दौरान समाजवादी पार्टी के दोषी कार्यकर्ताओं व नेताओं पर कोई मुकदमा दर्ज नही हुआ। एक न्यूज चैनल के स्टिंग आपरेशन में पुलिस-प्रशासन के कई जिम्मेदार अधिकारियो ने प्रदेश सरकार के एक कद्दावर मंत्री का नाम लिया लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। बसपा के विधायक और सासद पर भी मुकदमा दर्ज है लेकिन प्रशासन उनके खिलाफ भी कोई कदम नहीं उठा रहा है। इससे साबित होता है कि सपा, बसपा व काग्रेस आपस में मिले हुए हैं।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर