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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 06, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पंद्रह दिन बीते संपत्ति का ब्यौरा देने से कतरा गए ज्यादातर मंत्री

By Nawal MishraEdited By:
Published: Thu, 06 Apr 2017 08:08 PM (IST)Updated: Thu, 06 Apr 2017 09:18 PM (IST)

15 दिनों के भीतर अपनी संपत्ति का ब्यौरा देने की स्पष्ट हिदायत के बावजूद योगी सरकार के ज्यादातर मंत्री इस काम को पूरा नहीं कर सके।

पंद्रह दिन बीते संपत्ति का ब्यौरा देने से कतरा गए ज्यादातर मंत्री
पंद्रह दिन बीते संपत्ति का ब्यौरा देने से कतरा गए ज्यादातर मंत्री

लखनऊ (जेएनएन)। सहकारिता मंत्री मुकुट विहारी वर्मा भाजपा अवध क्षेत्र के अध्यक्ष भी हैं और वह पार्टी के अनुशासित सिपाही माने जाते हैं लेकिन 15 दिनों के भीतर अपनी संपत्ति का ब्यौरा देने की स्पष्ट हिदायत के बावजूद इस काम को पूरा नहीं कर सके। वर्मा ही क्यों, संपत्ति का ब्यौरा देने से प्रदेश सरकार के ज्यादातर मंत्री चूक गए। सिर्फ 13 मंत्रियों ने ही इस निर्देश का पालन किया है। 

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सरकारी अफसरों को 15 अप्रैल तक मौका 

योगी आदित्यनाथ ने आइएएस, पीसीएस समेत सभी सरकारी अफसरों से अपनी संपत्ति का ब्यौरा प्रस्तुत करने को कहा था। इन अफसरों को भी 15 दिन का मौका दिया गया था लेकिन, अधिकांश इसका अनुपालन नहीं कर सके। मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने इस सिलसिले में सख्त हिदायत देते हुए अफसरों को 15 अप्रैल तक का मौका दिया है। 

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नहीं मिल सका संपत्ति का ब्योरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च को शपथ ग्रहण के बाद शाम को अपने मंत्रियों के साथ एक बैठक की। आचरण और कार्यशैली को लेकर उन्होंने ढेर सारी नसीहत दी। आमजन से व्यवहार और पारदर्शी सरकार के लिए गाइड लाइन भी तय की। साथ ही स्पष्ट रूप से यह कहा कि सभी मंत्री 15 दिनों के भीतर पार्टी फोरम पर अपनी संपत्तियों का ब्यौरा प्रस्तुत कर दें। मुख्यमंत्री के निर्देश के मुताबिक पांच अप्रैल से पहले ही मंत्रियों की संपत्ति का ब्यौरा प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आना था लेकिन, यह संभव नहीं हो सका।

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बात टालने वाली बात

प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य से जब इस विषय में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मंत्री लोग अपनी संपत्ति का ब्यौरा दे रहे हैं। यह ब्यौरा पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल के पास जमा हो रहा है। राजेश अग्रवाल योगी सरकार के वित्त मंत्री भी हैं। राजेश अग्रवाल ने इस मसले पर बात टालने की कोशिश की। फिर रजिस्टर मंगाया और बोले कि दस से ज्यादा मंत्री ब्यौरा दे चुके हैं। योगी सरकार में दो उपमुख्यमंत्री और कैबिनेट, राज्य और स्वतंत्र प्रभार समेत कुल 44 मंत्री हैं। अग्रवाल ने बताया कि मंत्रियों को दोबारा निर्देश दिया गया है। इसके लिए कोई डेट नहीं बढ़ाई गयी है। विभागीय योजनाओं का प्रस्तुतीकरण हो रहा है इसलिए देर हुई है लेकिन, अब सभी ब्यौरा जमा कर देंगे। अग्रवाल ने कहा कि चुनाव में शपथ पत्र भरते समय तो सब संपत्ति का ब्यौरा दे चुके हैं।