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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हम बहुसंख्यकों की भावनाओं का सम्मान करेंगेः योगी

By Nawal MishraEdited By:
Published: Fri, 30 Jun 2017 06:55 PM (GMT+05:30)Updated: Fri, 30 Jun 2017 10:03 PM (GMT+05:30)

सीएम योगी ने कहा कि अल्पसंख्यक भावनाओं की बात होनी चाहिए पर व्यापक जनभावनाओं की अनदेखी नहीं की जा सकती। हम बहुसंख्यकों की भावनाओं का भी सम्मान करेंगे

हम बहुसंख्यकों की भावनाओं का सम्मान करेंगेः योगी
हम बहुसंख्यकों की भावनाओं का सम्मान करेंगेः योगी

लखनऊ (जेएनएन)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अल्पसंख्यकों की भावनाओं की बात की जानी चाहिए लेकिन, व्यापक जनभावनाओं की अनदेखी नहीं की जा सकती। हम बहुसंख्यकों की भावनाओं का भी सम्मान करेंगे। सरकार के 100 दिन पूरे होने पर एक टीवी चैनल की ओर से यहां आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बीफ निर्यात से जुड़े सवाल पर कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्र्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे। सरकार गो तस्करों की पूजा नहीं करेगी। अवैध स्लाटर हाउस बंद ही रहेंगे।

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सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए योगी ने सपा-बसपा सरकारों को कठघरे में खड़ा किया और कहा 'पिछली सरकारों में राजस्व से अधिक कमाई खनन मंत्री की थी। हमने व्यवस्था पारदर्शी की है। पहली बार सरकार के एजेंडे में किसान हैं। सिर्फ कर्जमाफी ही नहीं, उनके समग्र्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है।' इस सवाल पर कि कर्ज माफी के लिए पैसा कहां से आएगा, योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में आर्थिक अराजकता चरम पर थी। उस पर अंकुश लगाकर ही कर्जमाफी लायक रुपये निकाले जा सकते हैं। सरकार जल्द ही औद्योगिक नीति लाने जा रही है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार बढ़ेंगे।

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पूर्वाग्र्रह से नष्ट होती कार्यसंस्कृति 

मुख्यमंत्री ने कहा कि लीडरशिप अच्छी हो तो लोग सही दिशा में चल सकते हैं। पूर्वाग्र्रह हो तो कार्यसंस्कृति नष्ट होती है। कानून व्यवस्था से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर मंथन हो रहा है। सहारनपुर घटना को उन्होंने सुनियोजित साजिश बताया। उन्होंने माना कि सहारनपुर में प्रशासन विफल रहा और इसीलिए वहां के अधिकारियों को दंडित भी किया गया। एक सवाल पर योगी ने कहा कि ताजमहल से गीता की तुलना नहीं की जा सकती। ताजमहल पर्यटन का केंद्र हो सकता है, आस्था का नहीं। उन्होंने कहा कि समाजवादी डॉ. लोहिया का नाम लेते हैं लेकिन, यह भूल जाते हैं कि उन्होंने यह भी कहा था कि यदि भारत को बनाए रखना है तो राम, कृष्ण और शिव के प्रति आस्था बनाए रखनी होगी। 

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मैं फुलटाइम नेता नहीं

एक प्रश्न के संदर्भ में योगी ने कहा कि वह फुलटाइम नेता नहीं हैं और उन्हें अंतत: गोरखपुर ही जाना है। वह बोले, 'गोरखपुर मेरी कर्मभूमि है। मेरी आस्था का केंद्र है।' विधानसभा चुनाव लडऩे के संबंध में उन्होंने कहा पार्टी जहां से कहेगी, वहां से लड़ूंगा। योगी ने कहा कि 2019 का चुनाव उनकी परीक्षा है, जिसमें वह शत-प्रतिशत अंक हासिल करेंगे। यह पूछे जाने पर कि यदि बिहार की तरह यहां भी अखिलेश-मायावती व अन्य दलों ने गठबंधन किया तो? उनका उत्तर था कि यह बेमेल जोड़ी होगी। जनता 2014 और 2017 में व्यक्तिवाद, परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति को खारिज कर चुकी है।