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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

काले धन पर रोक से परेशान मायावती, मुलायम, ममता और केजरीवाल : रविशंकर

By Nawal MishraEdited By:
Published: Sat, 12 Nov 2016 07:19 PM (IST)Updated: Sat, 12 Nov 2016 11:24 PM (IST)

केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर ने आज कहा कि काले धन पर लगाम के प्रयास से मायावती, मुलायम, ममता और केजरीवाल जैसे नेताओं को परेशानी है।

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लखनऊ (जेएनएन)। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर ने आज विपक्षी दलों पर निशाना साधा और कहा कि काले धन पर लगाम के प्रयास से मायावती, मुलायम, ममता और केजरीवाल जैसे नेताओं को परेशानी हो रही है। उन्होंने आम लोगों के लिए जल्द सुविधा बढ़ाने का वादा किया।

एनआइसी डेटा सेंटर लोकार्पण

एनआइसी के राज्य स्तरीय डेटा सेंटर के लोकार्पण के बाद केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तीन तलाक के विरोध को शरिया की खिलाफत नहीं माना जा सकता क्योंकि कई इस्लामिक देशों ने इस कुप्रथा को अपने यहां समाप्त कर दिया है। मंत्री ने एनआइसी की डीजी कनेक्ट व परीक्षा कनेक्ट योजनाओं का भी शुभारंभ किया। एनआइसी अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश बदल रहा है और इस बदलाव को समझने की जरूरत सबको है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेसिक डिजिटल दर्शन को उन्होंने स्मार्ट व स्किल इंडिया जैसी कई योजनाओं का हवाला देकर समझाया।

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मोदी की सूचना क्रांति की गांधी आंदोलन की तुलना

रविशंकर ने कहा कि तकनीक के बदलाव से सबसे बड़ी क्रांति वैसे ही आएगी, जैसे गांधी जी के आंदोलन से देश उठ खड़ा हुआ था। देश में इलेक्ट्रॉनिक्स का इस्तेमाल और उत्पादन बढऩे की जानकारी देते हुए उन्होंने एनआइसी अधिकारियों से अपनी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने को कहा, जिससे नागरिक डिजिटल इंडिया के साथ जुड़ कर आगे बढ़ सकें। एनआइसी अधिकारियों के प्रमोशन की बाधाएं दूर होने का भरोसा दिलाते हुए मंत्री ने अधिकारियों से कुछ नया, कुछ बेहतर करके दिखाने का आह्वान किया। लखनऊ के महापौर डॉ.दिनेश शर्मा ने नगर निगम के हाइटेक होने का श्रेय एनआइसी को दिया। एनआइसी की महानिदेशक नीता वर्मा ने डेटा सेंटर के हाई लेवल सिक्योरिटी सिस्टम से लैस होने की जानकारी दी। ई-क्रांति को डिजिटल इंडिया का मजबूत स्तंभ ठहराते हुए उन्होंने स्टेट सेंटर की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका बताई। प्रमुख सचिव नियोजन मुकुल सिंघल ने बताया कि 78 फीसद लोग आधार कार्ड से लिंक हो चुके हैं, जबकि समाज कल्याण विभाग की योजनाओं में भी 63 फीसद लाभार्थियों के आधार कार्ड लिंक किए जा चुके हैं।

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डिजिटल लॉकर में चार करोड़ प्रमाण पत्र

डीजी कनेक्ट योजना के जरिए डिजिटल लॉकर को नया आयाम दिया गया है। योजना के तहत ई-डिस्ट्रिक्ट द्वारा जारी किए गए करीब 4.10 करोड़ से अधिक आय, जाति, निवास व अन्य प्रमाण पत्रों को डिजिटल लॉकर में समावेशित किया गया है, जो प्रदेश के आम नागरिकों के व्यक्तिगत लॉकर में सुरक्षित हैं। इसी तरह परीक्षा कनेक्ट पोर्टल के जरिए नौकरी के लिए विभिन्न विभागों के रिक्त पदों पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। शनिवार को इस पोर्टल को प्रदेश के 47 हजार कॉमन सर्विस सेंटरों (सीएससी) से जोड़ दिया गया।

तुम भी पढ़ो, हम भी पढ़ें

एनआइसी का राज्य स्तरीय डेटा सेंटर 106 सर्वर से संचालित होगा और स्टोरेज क्षमता 117 टीबी होगी। यह सेंटर विभागों की 213 वेबसाइट होस्ट कर रहा है, जो 87 विश्वविद्यालय, आइआइटी, आइआइएम, इंजीनियरिंग कॉलेज व शिक्षण संस्थानों से जुड़ी हैं। डेटा सेंटर के माध्यम से 75 ट्रेजरी को भी कोर ट्रेजरी में बदल दिया गया है। रविशंकर ने बताया कि पहले वे आधार कार्ड के विरोधी थे, लेकिन सरकार बनी तो अटल जी ने कहा- तुम भी पढ़ो, हम भी पढ़ें और देखें कि इसमें क्या है। फिर लगा कि यह उपयोगी चीज है, इससे बहुत काम लिया जा सकता है।

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