विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तेंदुए का खौफ और शेरनी सक्रिय होने के संकेत

By Edited By:
Published: Wed, 17 Sep 2014 12:10 PM (IST)

लखनऊ। बलरामपुर के हरैय्या सतघरवा थाना क्षेत्र के जंगलवर्ती गावों में काफी दिनों से तेंदुआ क

News Article Hero Image

लखनऊ। बलरामपुर के हरैय्या सतघरवा थाना क्षेत्र के जंगलवर्ती गावों में काफी दिनों से तेंदुआ का खौफ है। इसको पकड़ने के लिए दो गावों में पिंजड़े लगे हैं लेकिन तेंदुआ इनके करीब नहीं जा रहा है। लगातार तेंदुआ की आमद आबादी वाले क्षेत्रों में बनी हुई है। दहशत अभी कम नहीं हो रही है। इसके चलते गावों में सन्नाटा पसरा है। इस बीच गांव के आसपास शेरनी और दो शावकों के पग चिह्न मिलने पर वन विभाग की टीम सक्रिय होकर उनके ठिकानों की पड़ताल करने में जुट गई है।

बकरी, बछिया व कुत्ता निवाला

बीती रात तेंदुए ने बकरी, बछिया व एक कुत्ते को निवाला बनाया। तेंदुए को सामने खड़ा देखकर एक महिला व पुरुष बेहोश हो गए। ग्रामीणों द्वारा शोर मचाने पर तेंदुआ भाग तो उन्हें वापस गांव लाया गया। कल सुबह पूर्व माध्यमिक विद्यालय मणिपुर के समीप तेंदुआ आया, जिसे देखकर बच्चों में भगदड़ मच गई। पिछले कई दिनों से जंगल से सटे गांवों में तेंदुआ आतंक मचाए है। उसने दो बालिकाओं व कई जानवरों को अपना निवाला बनाया है। पचपेड़वा गांव निवासी अमरिका पासवान के घर पहुंचे तेंदुआ ने बकरी, बहाऊपुरवा में राम बरन की बछिया व सेमरापुरवा में झिंगुर के पालतू कुत्ते को अपना निवाला बना लिया। इसके पूर्व शौच के लिए गई बहाऊपुरवा में शांतिदेवी दर्जीनिया गांवा के अतीकुर्ररहमान सामने तेंदुआ देखकर बेहोश हो गए। दर्जीनिया गांव में पुजारी के घर के बगल तेंदुआ घात लगाए बैठा था। देखने के बाद जब पुजारी व ग्रामीणों ने शोर मचाया तो वह जंगल की ओर भाग गया। वन टीम ने कुकुरभुकवा व दर्जीनिया गांव में तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया है लेकिन तेंदुआ वहां तक जा नहीं रहा है। दूसरी ओर शेरनी और उसके शावकों का वन कर्मी ठहराव नहीं ढूंढ़ सके। डीएफओ एसएस श्रीवास्तव ने कहा कि तेंदुए को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।