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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राज्यपाल राम नाईक बेईमानों के शरणदाता : आजम खां

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Thu, 28 Apr 2016 08:32 PM (IST)Updated: Thu, 28 Apr 2016 09:14 PM (IST)

उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री आजम खां ने प्रदेश के राज्यपाल के खिलाफ फिर से असंसदीय भाषा का प्रयोग ...और पढ़ें

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री आजम खां ने प्रदेश के राज्यपाल के खिलाफ फिर से असंसदीय भाषा का प्रयोग किया है। बिजनौर में आज आजम खां ने राज्यपाल राम नाईक को बेईमानों का शरणदाता बताया। इतना ही नहीं आजम खां ने एक बार फिर अमर सिंह को बेकार नेता साबित करने का प्रयास किया है।

बिजनौर में आजम खां ने एक बार फिर राजभवन को निशाना बनाते हुए कहा कि निकायों में गबन करने वाले अध्यक्षों पर कार्रवाई के लिए पेश बिल को राज्यपाल राम नाईक ने पास नहीं किया। बिजनौर में सदर विधायक रुचि वीरा के आवास पर पत्रकारों से आजम ने कहा निकायों में गबन पर अधिकारियों पर तो कार्रवाई हो जाती है, लेकिन अध्यक्षों के खिलाफ कुछ नहीं होता। 60 साल से यही चला आ रहा है। अब अध्यक्षों की जवाबदेही तय करने के लिए बिल लाया गया तो राज्यपाल पास नहीं कर रहे हैं। बिल पास न करने से बेइमानों को ही संरक्षण मिल रहा है। ऐसे में वह बेईमानों को संरक्षण दे रहे हैं। आजम खां ने कहा कि राज्यपाल तो बेईमानों के शरणदाता साबित हो रहे हैं।

उन्होंने उत्तर प्रदेश में गंगा नदी की सफाई की बाबत कहा कि अब तब गंगा सफाई पर जो भी किया, हमने किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पैसा भी गंगा सफाई के नाम पर नहीं दिया। इस अभियान पर केवल राज्य सरकार ने काम किया। केंद्र केवल दिखावा कर रहा है। उन्होंने तंज कसा कि गंगा सफाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अडाणी को ठेका दे दें या फिर पाकिस्तान में नवाज शरीफ के अलावा जिन और लोगों से मिलें, उन्हें भी बुला सकते हैं। इस अवसर पर उनके निशाने पर अमर सिंह भी थे। उन्होंने अमर सिंह की सपा में वापसी के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके आने से पार्टी को चुनाव में नुकसान होगा। वह सफेद हाथी के सिवा कुछ भी नहीं हैं।

भाजपा कहीं मुकाबले में नहीं: आजम

बिलारी उपचुनाव में सपा प्रत्याशी मुहम्मद फहीम का नामांकन कराने आये कैबिनेट मंत्री आजम खां ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर एक भी इल्जाम साबित कर दो तो मैं अपने इस 'बेटे' का नाम वापस ले लंगा। चुनाव में भाजपा कहीं मुकाबले में नहीं है। विधायक हाजी मुहम्मद इरफान की 10 मार्च को सड़क हादसे में मौत के बाद बिलारी सीट पर उपचुनाव के लिए 16 मई को मतदान होगा। सपा ने मृतक के बेटे फहीम को प्रत्याशी बनाया है। आजम ने कहा कि अगली सरकार सपा की नहीं बनी तो भाजपा से मिलीजुली बनेगी।