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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सपा में घमासान खत्म, अखिलेश ने वापस किए शिवपाल के सभी विभाग

By Nawal MishraEdited By:
Published: Fri, 16 Sep 2016 08:32 PM (GMT+05:30)Updated: Sat, 17 Sep 2016 10:46 AM (GMT+05:30)

सीएम अखिलेश यादव ने शिवपाल यादव के छीने सभी विभाग लौटा दिए हैं। गायत्री प्रसाद प्रजापति को भी मंत्रिमंडल में ...और पढ़ें

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लखनऊ (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश में सपा और सत्ता के बीच चल रहा घटनाक्रम आज समाप्त हो गया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट के जरिए सारा मामला साफ कर दिया है। अब शिवपाल सिंह यादव के सभी विभाग वापस किए जाएंगे। गांयत्री प्रसाद प्रजापति को मंत्री पद मिलेगा। सीएम कार्यालय ने ट्वीट कर जानकारी दी।

अखिलेश बोले यह परिवार नहीं, सरकार का झगड़ा, नेता जी सब ठीक कर देंगे

इससे पहले शुक्रवार को सुबह मुलायम ने युद्ध विराम का फार्मूला तय करने से पहले शिवपाल यादव को विक्रमादित्य मार्ग बुलाकर उनका इस्तीफा लौटाया और करीब 20 मिनट तक उनसे बातचीत की। शिवपाल ने परिवार के एक सदस्य का नाम लेकर कहा कि वह न सिर्फ भूमाफिया, दलालों को संरक्षण दे रहे हैं बल्कि मुख्यमंत्री अखिलेश को उनके खिलाफ भड़काते भी रहते हैं। उनके लौटने के बाद मुख्यमंत्री सपा मुखिया के पास पहुंचे। मुख्यमंत्री ने मुलायम से कहा कि उनके आदेश सिर माथे मगर उनके सम्मान का क्या होगा? इस पर बीच वाले (अमर सिंह की ओर इशारा) को हटाने और अखिलेश को राज्य संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाने पर सहमति बनी। दोनों से चर्चा के बाद मुलायम कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे। कहा कि उनके रहते पार्टी में टूट नहीं हो सकती। पार्टी और परिवार में कलह नहीं है। कहा कि शिवपाल प्रदेश अध्यक्ष रहेंगे, उनके विभाग भी वापस होंगे।

तस्वीरों में देखें-शिवपाल यादव समर्थकों का प्रदर्शन

शंका-समाधान कर लेना

सपा कार्यकर्ताओं में चिंता है मगर अखिलेश, शिवपाल और रामगोपाल में कोई झगड़ा नहीं है। पार्टी के दूसरे नेताओं में भी मतभेद नहीं हैं। सपा सुप्रीमो बोले, अखिलेश आए थे। मिलकर गए हैं। चुनाव में कैसे काम करना है, यह बता दिया है। हम अपने क्षेत्र से चुनाव प्रचार शुरू कर रहे हैं। आप लोगों ने पांच साल बहुत मेहनत की है। सरकार बहुत अच्छी चली है। मुलायम ने कहा, 'वे कौन-सी शक्तियां हैं जो नहीं चाहतीं कि समाजवादी पार्टी की सरकार बने, उनसे सतर्क रहना। बहुत बड़ा परिवार है, समाजवादी परिवार है। हमारे परिवार में थोड़ा-बहुत तो होता रहता है। सबसे यही कहा है कि शंका-समाधान कर लेना मुलायम ने कहा कि गायत्री प्रजापति की बर्खास्तगी रद की जाएगी। वह फिर मंत्री बनेंगे।

लालूजी सिर्फ रिश्तेदार नहीं, नेता

अपने पीएम बनने के बारे में मुलायम ने कहा कि हम 11 बार विधायक बने। नेता प्रतिपक्ष रहे रक्षा मंत्री बने। प्रधानमंत्री बनते-बनते रह गए। आज लालूजी से फोन पर बात की। लालूजी सिर्फ रिश्तेदार नहीं, नेता हैं। हैसियत वाले नेता हैं। उन्हें भी चिंता थी। वह हमने दूर कर दी। हमने कहा कि हमारी बात कोई नहीं टालेगा। यह घोषणा कर सपा मुखिया फिर विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पहुंचे, जहां अखिलेश, शिवपाल के साथ फिर तकरीबन आधे घंटे तक चर्चा की और समाधान फार्मूले को अंतिम रूप दिया। सूत्रों का कहना है कि दो दिन में फार्मूले पर अमल होना शुरू हो जाएगा।

समझौते के पांच विंदु

  1. शिवपाल को उनसे छीने गए सभी महत्वपूर्ण विभाग वापस होंगे।
  2. शिवपाल यादव पार्टी के सपा के प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे।
  3. बर्खास्त मंत्री गायत्री प्रजापति की वापसी पर भी मुहर लगी।
  4. दीपक सिंघल को लेकर अखिलेश ने मुलायम से समय मांगा।
  5. अब बीच के व्यक्ति ने दखल दिया तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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आज का समझौता पांच प्रमुख विंदुओं पर रहा। इसमें चार पर अखिलेश ने सहमति जताई लेकिन एक पर सहमत नहीं हुए। वह बिंदु बीच के व्यक्ति का था। अखिलेश ने दो टूक कहा कि अगर अब बीच के व्यक्ति ने दखल दिया तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पर मुलायम ने कहा कि अगर भविष्य में दखलंदाजी होने पर फैसला अखिलेश लेंगे।