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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नक्सली मूवमेंट रोकने के प्रयास होंगे और प्रभावी

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Published: Sun, 10 Aug 2014 02:49 PM (IST)

लखनऊ। उत्तर प्रदेश तथा पड़ोसी राज्य बिहार में नक्सल मूवमेंट पर अंकुश लगाने का प्रयास होगा। इसके त

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश तथा पड़ोसी राज्य बिहार में नक्सल मूवमेंट पर अंकुश लगाने का प्रयास होगा। इसके तहत सघन कांबिग के साथ ही आकाश से भी निगरानी होगी। बिहार व उत्तरप्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के पुलिस अधिकारियों की एक बैठक कल वाराणसी में हुई।

वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक एसके भगत की के साथ इसमें कैमूर, गाजीपुर, चंदौली, मीरजापुर के पुलिस अधिकारी शामिल थे। दो घंटे चली बैठक में नक्सली मूवमेंट व बिहार उपचुनाव के मद्देनजर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। नक्सलियों के खिलाफ सघन काम्बिंग का निर्णय लिया गया। बिहार के मोहनिया में उपचुनाव के मद्देनजर सीमाएं सील होंगी। दोनों प्रदेशों की पुलिस भी एक-दूसरे के साथ सूचनाओं का आदान-प्रदान करेगी। कई बार समुचित संवाद न होने का फायदा उठाते हुए नक्सली एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश तक चहलकदमी करते हैं। जब एक प्रदेश की पुलिस दबाव बनाती है तो सीमा पार कर दूसरे प्रदेश में चले जाते हैं। सीमा की वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाती है।

नक्सलियों पर जमीन के साथ आसमान से नजर रखी जाएगी। जरूरत होने पर हेलीकाप्टर का इस्तेमाल किया जाएगा। संचार के लिए सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल होगा। पुलिस की सख्ती की वजह से ही नक्सलियों को बड़ी वारदात करने का मौका नहीं मिल रहा है। इस सख्ती को बनाए रखने पर जोर दिया गया। वहीं बैठक में बिहार में होने वाले उपचुनाव में रुपयों और अवैध शराब के इस्तेमाल न हो सके इसके लिए दोनों प्रदेशो की पुलिस को मिलकर काम करने पर जोर दिया गया।