विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 17, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीएम योगी आदित्यनाथ का दावा, अब गोली का जवाब गोली से दे रही यूपी पुलिस

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Sun, 17 Sep 2017 05:15 PM (IST)Updated: Mon, 18 Sep 2017 08:21 AM (IST)

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा उनकी सरकार में अपराध को रोकने के लिए पुलिस को खुली छूट दी ...और पढ़ें

सीएम योगी आदित्यनाथ का दावा, अब गोली का जवाब गोली से दे रही यूपी पुलिस
सीएम योगी आदित्यनाथ का दावा, अब गोली का जवाब गोली से दे रही यूपी पुलिस

लखनऊ (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश की खराब कानून-व्यवस्था विरासत में मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी कड़ा संघर्ष करना पड़ा। प्रदेश के मुखिया का पद संभालने के करीब छह महीने बाद उनकी पुलिस ने गोली का जवाब गोली से देना शुरु किया। अब प्रदेश में रोज एनकाउंटर में या तो बदमाश मारे जा रहे हैं या तो गिरफ्तार हो रहे हैं। 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार में अपराध को रोकने के लिए पुलिस को खुली छूट दी गई है। यही वजह है कि अब इसका असर दिखने लगा है और अपराधियों में दहशत का माहौल है। हाल ही के दिनों में हुए ताबड़तोड़ एनकाउंटर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में पुलिस का मनोबल गिरा हुआ था। अपराधी बेलगाम हो गए थे, लेकिन मेरी सरकार में पुलिस का मनोबल ऊंचा किया गया है।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में पुलिस वाले मारे जा रहे थे, लेकिन आज पुलिस गोली का जवाब गोली से दे रही है। इससे अब अपराधियों में दहशत का माहौल है। सहारनपुर दंगों पर मुख्यमंत्री ने कहा, कि हमारी सरकार के 6 महीने के कार्यकाल के दौरान एक भी दंगा नहीं हुआ। सहारनपुर में जो कुछ हुआ वह दो जातियों के बीच संघर्ष था। जिसे प्रशासन ने नियंत्रित कर लिया है।

प्रदेश में पिछले छह महीने में पुलिस ने मुठभेड़ में 15 इनामी अपराधियों को मार गिराया। 84 अपराधी गोली लगने से घायल हुए. यह पुलिस को खुली छूट का ही नतीजा है कि अब तक 868 कुख्यात अपराधी सलाखों के पीछे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि निर्दोषों को छेड़ेंगे नहीं और दोषियों को छोड़ेंगे नहीं। मुख्यमंत्री के इसी निर्देश पर कार्रवाई करते हुए यूपी पुलिस अपराधियों पर कहर बनकर टूटी है।

दरअसल मुख्यमंत्री ने डीजीपी को साफ निर्देश दिया था कि अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए. इसी निर्देश के बाद पुलिस हरकत में आई और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई। लगातार हो रहे मुठभेड़ और धड़पकड़ की कार्रवाई से अपराधियों के हौसले पस्त हो गए हैं। 

योगी सरकार ने 19 मार्च को शपथ ली थी। अगर हम 20 मार्च से 14 सितम्बर तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो अपराधियों के साथ पुलिस की कुल 420 मुठभेड़ हुई है। इनमें शामली में चार, आजमगढ़ में तीन, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में दो-दो अपराधी मारे गए। मेरठ जोन में सबसे अधिक नौ अपराधी मारे गए। राजधानी लखनऊ में हुई एक मुठभेड़ में भी इनामी बदमाश मारा गया। बदमाशों का लम्बा चौड़ा इतिहास था। इस दौरान 88 पुलिसकर्मी भी घायल हुए। करीब 6 माह में 1106 अपराधी गिरफ्तार किए गए जिनमें 868 कुख्यात अपराधी हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने इनाम रखा था। अभी 54 अपराधियों पर रासुका और 69 पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

BRD Medical College : बच्चों की मौत का आरोपी मनीष भंडारी जेल भेजा गया

सरकार के छह महीने के कार्यकाल की उपलब्धि पर उन्होंने कहा कि हमने छह महीनों में जनता में विश्वास भरा है। प्रदेश का हर व्यक्ति अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सकता है। प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि हमने माफिया पर नकेल कसनी शुरू की। अब ऐसे अपराधी या तो जेल में हैं या दूसरे प्रदेश में भाग गए। 

यह भी पढ़ें: सपा में फिर बड़ा घमासान होने की आशंका, 21 को लोहिया ट्रस्ट की बैठक

उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश में पांच वर्ष में 450 से ज्यादा दंगे हुए. उस प्रदेश में 6 महीनों में कोई दंगा नहीं हुआ। सहारनपुर में कुछ तनाव था, लेकिन दंगा नहीं था। सरकार की कार्रवाई चल रही है।

यह भी पढ़ें: सपा सम्मेलन के होर्डिंग में आजम को जगह पर मुलायम को नहीं

प्रशासन को कहा गया है, आम जनता के साथ संवेदनशील रहिए। जो कानून का सम्मान करे, कानून उसका सम्मान करे। अपराधी और गुंडों से कड़ाई से निपटा जाए। अपराधी गोली चलाएगा तो गोली का जवाब पुलिस गोली से देगी। पुलिस के जवान अच्छा काम कर रहे हैं।