यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 23, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पीलीभीत की एक नहर में मिला बाघ का शव
पीलीभीत जिले में आज सुबह टाइगर रिजर्व क्षेत्र की एक नहर में बाघ का शव मिलने से खलबली मच गई ...और पढ़ें

लखनऊ। पीलीभीत जिले में आज सुबह टाइगर रिजर्व क्षेत्र की एक नहर में बाघ का शव मिलने से खलबली मच गई है। वन विभाग के अफसर मौके पर डटे हैं। बाघ के शव को पोस्टमार्टम के लिए बरेली भेजा गया है।
पीलीभीत में आज सुबह नित्यक्रिया को गये कुछ लोगों ने माधोटाडा व डगा के बीच हरदोई नहर में बाघ का शव देखा। इन लोगों ने शव मिलने की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने मामला संभाला। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बाराई रेंज में मिले बाघ के शव के बारे में कहा जा रहे है कि उसको जहर देकर मारा गया है। बाघ के शव को पोस्टमाट्र्म के बरेली के इंडियन वेटरनिटी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई) भेजा गया है।
खुली सरकारी गणना की हकीकत
वन विभाग सरकारी गणना से उजागर हकीकत को भले ही नजर अंदाज कर दावा कर रहा हो कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघ पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन हकीकत जुदा है। इसकी पुष्टि पीलीभत के माधोटांडा व डगा के बीच हरदोई बांच नहर में बाघ का शव मिलने से हो जाती है। बाघ के शव के पंजे पर चोट और गर्दन पर कटे का निशान भी बयां करता है कि मौत स्वाभिक नहीं है। वैसे भी बाघों की हत्या करने में जहर दिया जाता है। इसके बाद से प्यास से व्याकुल बाघ जल श्रोतो की ओर भागते है। यही कारण है अक्सर नहरों मे ही बाघ के शव मिलते है। आज भी सुबह नहर में बाघ का शव इसी दशा में मिला।
