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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लखनऊ में मुलायम व अखिलेश से मिले अमर सिंह, छिड़ी सियासी चर्चा

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Sat, 28 Mar 2015 10:00 AM (IST)Updated: Sat, 28 Mar 2015 10:06 AM (IST)

डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती पर अपनी गैर हाजिरी में भी सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से प्रशंसा पाने ...और पढ़ें

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लखनऊ (राज्य ब्यूरो)। डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती पर अपनी गैर हाजिरी में भी सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से प्रशंसा पाने वाले पूर्व सांसद अमर सिंह ने कल लखनऊ में सपा सुप्रीमो से मुलाकात की। दोनों के बीच मुलाकात करीब 40 मिनट तक चली। इसके बाद अमर सिंह ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के घर का रुख किया। सपा के दो शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद अमर सिंह ने कहा वह बड़प्पन दिखाने के लिए मुलायम का शुक्रिया कहने और भतीजे के रूप में अखिलेश यादव के पास गए थे। हालांकि, थोड़े अंतराल में पार्टी मुखिया से उनकी मुलाकातों को सपा में वापसी की 'पटकथा' के रूप में देखा जा रहा है।

समाजवादी पार्टी से फरवरी 2010 में निष्कासित होने के बाद पांच अगस्त 2014 को जनेश्वर मिश्र की जयंती पर अमर सपा के मंच पर नजर आए थे। फिर मुलायम सिंह से उनकी कई मुलाकातें हुई। स्वास्थ्य लाभ के बाद पहली बार 23 मार्च को लोहिया जयंती पर कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे सपा सुप्रीमो मुलायम ने 'साफगोई' और सही सूचना देने के मामले में अमर सिंह की तारीफ की थी। इसके चौथे ही दिन अमर सिंह ने लखनऊ में सपा सुप्रीमो के आवास विक्रमादित्य मार्ग पहुंचकर मुलायम से मुलाकात की। उनसे 40 मिनट तक बातचीत के बाद देर शाम अमर सिंह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने पांच, कालिदास मार्ग पहुंच गये। जहां वह काफी देर तक रहे। इससे अमर के सपाई होने की चर्चा फिर छिड़ गयी है। सपा सूत्रों की माने तो एक धड़ा अमर को फिर से पार्टी में शामिल करने का पक्षधर है जबकि दूसरा मुखालफत कर रहा है।

इधर, मुलाकात के बाद अमर सिंह ने जहां कांग्रेस को जमकर कोसा वहीं मुलायम को बड़ा दिलवाला ठहराया। उन्होंने कहा कि जिस मुलायम ने कांग्रेस की सरकार बचाई, उसी कांग्रेस ने उनके पीछे सीबीआइ लगा दी। कई और नजीरें देते हुए कहा कि कांग्रेस मदद करने वालों को हमेशा मिटाने का प्रयास करती रही है, इसलिए कांग्रेस खत्म होने के कगार पर है। अमर ने कहा कि लोहिया जयंती पर मुलायम ने चापलूसी न करने के लिए उनकी जो सराहना की थी, उस बड़प्पन का शुक्रिया अदा करने गया था। अखिलेश से भतीजे के रूप में मिलने उनके घर गया था, अगर मुख्यमंत्री के रूप में मिलने जाता था, 10-15 मिनट में लौट आता। उन्होंने सपा में जाने की संभावना से न इन्कार किया और न ही इकरार।