यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यूपी के स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों को कहा गुंडा

बोले- स्थानीय माफिया से मिलकर करते हैं दादागीरी
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन की नजर में ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में तैनात 20 प्रतिशत डॉक्टर महकमे की छवि धूमिल करने में कसर नहीं छोड़ रहे हैं। ये स्थानीय माफिया से मिलकर दादागीरी करते हैं। मरीजों को धमकाते हैं। कुल मिलाकर यह सब गुंडे हैं। कल मातृत्व दिवस पर आयोजित कार्यशाला में उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में तैनात 80 फीसद डॉक्टर बेहतर काम कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (पीएमएस) ने खासी नाराजगी जाहिर की है।
स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने कहा कि सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों को सुधारने की सारी कवायद फेल हो गई है। ये डॉक्टर मरीजों को ठीक से इलाज मुहैया नहीं कराते हैं। ग्रामीण जब विरोध करते हैं तो डॉक्टर मरीज व उनके तीमारदारों को फर्जी मुकदमों में फंसा देते हैं। ऐसा सलूक करने वाले डॉक्टरों की वजह से स्वास्थ्य महकमे की छवि धूमिल हो रही है। इसे सख्ती से सुधारा जाएगा।
प्रान्तीय चिकित्सा सेवा संघ अध्यक्ष डॉ. अशोक यादव ने कहा है कि जो डॉक्टर गलत हैं, निश्चित तौर पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सभी डॉक्टर एक जैसे नहीं हैं। स्वास्थ्य मंत्री केवल बयान न दें। ठोस कार्रवाई करें। उनके बयान से मेहनत और ईमानदारी से काम करने वाले डॉक्टरों का मनोबल गिर रहा है।
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