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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 09, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आए थे घूमने, रास आया हिंदू धर्म

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Published: Sun, 09 Mar 2014 01:02 AM (IST)Updated: Sun, 09 Mar 2014 03:38 AM (IST)

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कानपुर, जागरण संवाददाता: यूक्रेन के शिवास्तुगुल शहर में रहने वाली दो युवतियों व उनके एक मित्र ने विधिवत हिंदू धर्म अपना लिया। उन्होंने बीते वर्ष इलाहाबाद में आयोजित महाकुंभ में ही वैदिक मंत्र पढ़ना और उच्चारण करना शुरू कर दिया था पर शनिवार को उन्होंने उन्नाव स्थित एक विद्यालय में हिंदू धर्म की दीक्षा ली। दोपहर में उन्होंने परमट स्थित आनंदेश्वर मंदिर में भगवान शिव और गंगा मैया का अभिषेक भी किया।

यूक्रेन निवासी निकोले शहद उत्पादन करते हैं तो एना फैशन डिजाइनर हैं। उनकी सहेली अक्शाना इंजीनियर हैं। इलाहाबाद में आयोजित महाकुंभ वे घूमने आए थे तभी उनकी मुलाकात उन्नाव निवासी संत स्वामी प्रशांत प्रभु से हुई थी। स्वामी जी से मुलाकात के बाद ही उनमें हिंदू धर्म को जानने की जिज्ञासा हुई और तब से तीनों उनके सानिध्य में रहने लगे। कई बार वह अपने देश भी गए और एक-दो माह वहां रहने के बाद लौट आए। उन्नाव के आदर्श नगर स्थित महर्षि विद्या मंदिर में रहकर उन्होंने वैदिक मंत्रों का पाठ किय। उन्होंने पहले तो मांस का त्याग किया और फिर नित्य उठकर पूजा पाठ व भजन करना शुरू किया। पूरी तरह से हिंदू धर्म को समझने के बाद शनिवार को उन्होंने स्वामी जी से दीक्षा ले ली। ईसाई धर्म में पैदा हुए इन दोस्तों ने कहा कि यूक्रेन में हो रहे संघर्ष के लिए अमेरिका जिम्मेदार है। यूक्रेन के लोग चाहते हैं कि उनका देश रूस में शामिल हो जाए लेकिन अमेरिका की नजर वहां के खनिज पदार्थो पर है। इसी वजह से अमेरिका वहां पर आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। एना और अक्साना चाहती हैं कि भारत रूस का साथ दे ताकि अमेरिका अपने मंसूबे में कामयाब न हो पाए। उन्होंने कहा, वह हिंदू धर्म अपनाकर काफी खुश हैं और जल्द शिवास्तुगुल में ही वे एक आश्रम का निर्माण भी कराएंगी ताकि स्वामी जी वहां लोगों को हिंदू धर्म के बारे में बता सकें।