चिमनी निकाल रही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का 'धुआं'
कानपुर, संवाददाता : प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड खुद ही प्रदूषण के मकड़जाल में उलझ गया है। दफ्तर के आगे कूड़े बिखेरते आवारा जानवर अफसरों को मुंह चिढ़ा रहे हैं तो पीछे बोर्ड के पनकी पावर हाउस की चिमनी काला धुआं उड़ा रही है।
पनकी आवास विकास-तीन स्थित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दफ्तर जाना है तो कूड़े के ढेर से होकर गुजरना होगा। स्वछंद विचरण करते आवारा पशुओं ने कूड़े को सड़क तक बिखेर दिया है। भीषण गंदगी होने से आसपास रहने वालों का जीना हराम है। दूसरी बड़ी समस्या पनकी पावर हाउस की चिमनी है। पावर हाउस की एक भी इकाई बंद होती है तो उसे चालू कराने के लिए लो डेंसिटी ऑयल जलाया जाता है। ऑयल जलता है तो आसमान पर काले धुएं की पर्त छा जाती है। इससे प्रदूषण बढ़ता है। रोजाना अफसर आते-जाते इसे देखते हैं लेकिन बोर्ड के हाथ में कुछ भी ऐसा नहीं कि वह व्यवस्था दुरुस्त कर पाए। आसपास रहने वाले कहते हैं कि जब बोर्ड खुद को प्रदूषण से मुक्त नहीं करा पा रहा है तो भला शहर को कैसे निजात दिलाएगा।
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कानपुर में व्यवस्थाएं तो हैं लेकिन संसाधनों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। नगर निगम को कूड़ा निस्तारण को लेकर कई बार नोटिस दे चुके हैं। पनकी पावर हाउस का तो जल-वायु सहमति पत्र भी खारिज हो चुका है। इससे ज्यादा बोर्ड क्या कर सकता है। -टीयू खान, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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