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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 05, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कम लागत में अच्छा व्यवसाय है बकरी पालन

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Published: Fri, 05 Jul 2013 08:21 PM (IST)Updated: Fri, 05 Jul 2013 08:22 PM (IST)

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फीरोजाबाद, (टूंडला:) आमदनी का जरिया बढ़ाने में बकरी पालन सबसे उपयुक्त व्यवसाय है। कम लागत लगाकर बकरी पालन से अधिक मुनाफा आसानी से कमाया जा सकता है।

यह बातें गांव हजरतपुर व नगला वरीसानी में आयोजित एक दिवसीय कृतिनाशी दिवस के अवसर कार्यक्रम समन्वयक डा. तेजप्रकाश ने कहीं। इस दौरान बकरियों में होने वाली पोकनी, भूख प्यास कम लगना जैसी बीमारियों की रोकथाम को कृमिनाशी दवा पिलाई गई। उन्होंने किसानों को जानकारी देते हुए कहा कि एक वयस्क बकरी को एक दिन में कम से कम 500 ग्राम भूसा व आधा किलो ग्राम दाना खिलाना चाहिए। पशु वैज्ञानिक डा. ओमकार सिंह ने कहा कि बकरियों के अंदर बीमारियों को रोकने के लिए टीकाकरण कराना आवश्यक है। वैज्ञानिक डा. सुभाष चन्द्र शर्मा ने कहा कि बकरियों को हरा चारा खिलाने के लिए खेतों की मेड़ों पर सुबबूल के पौधों का रोपण करें। गर्मियों में हरे खरे की कमताइश होने पर पीपल, नीम, बेर व बबूल आदि की पत्तियों को भी खिलाया जा सकता है। ऐसा करने से बकरी के दूध की तादाद में वृद्धि होगी। उसायनी के पशु चिकित्साधिकारी डा. पुष्पेन्द्र सिंह ने बकरियों में बरसात के मौसम में होने वाले रोगों की रोकथाम के लिए उपचारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

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