विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 11, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आक्सीजन की कमी से गोरखपुर के अस्पताल में धड़ाधड़ 48 मौतें, अफरातफरी

By Nawal MishraEdited By:
Published: Fri, 11 Aug 2017 05:40 PM (IST)Updated: Fri, 11 Aug 2017 11:54 PM (IST)

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज जैसा बड़ा हादसा हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में देखने सुनने में नहीं आया।यहां 48 लोगों की जान गई।

आक्सीजन की कमी से गोरखपुर के अस्पताल में धड़ाधड़ 48 मौतें, अफरातफरी
आक्सीजन की कमी से गोरखपुर के अस्पताल में धड़ाधड़ 48 मौतें, अफरातफरी

लखनऊ (जेएनएन)। इंसेफ्लाइटिस वार्ड में जिंदगी-मौत के बीच आज छिड़ी जंग में निहत्थी जिंदगी मौत के साथ जूझती और नतीजें के रूप में मौत दर मौत वहां का मंजर भयावह होता गया। वहां मौजूद हर व्यक्ति पर  भयाक्रांत रहा जिसके कलेजा का टुकड़ा जंग में हार के कगार पर था। छटपटाहट हर तीमारदार के चेहरे पर साफ झलक रही थी। अस्पतालों में आक्सीजन की कमी के चलते इक्का-दुक्का हादसों की बात तो किसी न किसी चूक या लापरवाही की ओर इशारा करते हुए जरूर सामने आई लेकिन गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज जैसा बड़ा हादसा हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में देखने सुनने में नहीं आया। उल्लेखनीय है कि इस अस्पताल में आक्सीजन की कमी के चलते ताबड़तोड़ 48 से अधिक लोगों की जान चली गई। इसका कारण वही जो मध्य प्रदेश और राजस्थान के अस्पतालों में रहा है। 

यह भी पढ़ें: गोरखपुर में आॅक्सीजन सप्लाई ठप होने से 48  मरीजों की मौत, मचा कोहराम

पीड़ितों की जुबां पर दर्द की दास्तानें

बस्ती के रानीपुर बाबू गांव के दीपचन्द ने बताया कि 11 दिन का बच्चे को ब्लड चढ़ाने के लिए शाम को ब्लड मंगाकर रख लिया पर अभी तक ब्लड चढ़ाया नही गया है। आज सुबह सात बजे से अम्बू बैग चला रहे थे। दोपहर बच्चे की मौत हो गई। अगर ब्लड चढ़ा देते तो बच जाता। कुशीनगर के मृत्युंजय पाठक अपने पांच दिन के बच्चे को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। बताया कि सुबह से ही हाथ से आक्सीजन का पंप चलवा रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी से मेरा बच्चा मर जाएगा। देवरिया की अमित सिंह की बेटी प्रतिज्ञा अब नहीं बची। वह तीन दिन से पीजीआइ के लिए रेफर का अनुरोध कर रहे थे पर किसी डाक्टर ने नहीं उनका अनुरोध नहीं सुना।

यह भी पढ़ें: योगी ने शिकायत निस्तारण में लापरवाह 11 अफसर निलंबित किए, सात को हटाया

पड़ोसी राज्यों से सबक नहीं

बताते चलें कि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश के इंदौर के एक बड़े अस्पताल में भी इसी तरह का मामला इसी साल जून यानी 2017 में देखने में आया जब यहां लापरवाही के चलते 17 मरीजों ने दम तोड़ दिया। दूसरे पड़ोसी राजस्थान में सितंबर 2011 में जोधपुर के एक अस्पताल में पांच मरीजों ने ऑक्सीजन की कमी से दम तोड़ दिया था। जोधपुर के इस अस्पताल में वहां के सारे ऑक्सीजन सिलेंडर खाली पड़े हुए थे। इसके चलते एक एक कर पांच मरीजों की जान चली गई। आज यही हाल उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कालेज का है। यहां अफरातफरी मची है। आक्सीजन नहीं है। कोई निजी एजेंसी आक्सीजन देने को तैयार नहीं है। कमी से हर मरीज परेशान है। मरीज छटपटा छटपटा कर दम तोड़ रहे हैं। हालांकि  पड़ोस के जिलों से जिलों से जिलों आक्सीजन सिलेंडर मंगाकर मरीजों को बचाने की कवायद की जा रही है। गोरखपुर के एक निजी अस्पताल ने भी आठ सिलेंडर दिए हैं। गोरखपुर की सभी प्राइवेट एजेंसियों ने मेडिकल कॉलेज को सिलिंडर देने से मना कर दिया है। 

यह भी पढ़ें: गोरखपुर में मेडिकल छात्रों और महाराजगंज में तीमारदारों का हंगामा