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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सतीश यादव के पदक जीतने पर सिकंदराबाद में जश्न

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Published: Fri, 03 Oct 2014 10:49 PM (IST)

सिकंदराबाद, बुलंदशहर : 17वें एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले भारतीय बॉक्सर सतीश यादव के गां

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सिकंदराबाद, बुलंदशहर : 17वें एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले भारतीय बॉक्सर सतीश यादव के गांव पचौता में जश्न का माहौल है। उस पर गांव ही नहीं पूरे सिकंदराबाद को गर्व है। सिकंदराबाद के लोगों ने सतीश के स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

सिकंदराबाद के खुर्जा रोड स्थित गांव पचौता निवासी सतीश यादव वर्तमान में पंजाब के पटियाला जिले में सेना में तैनात हैं। बचपन से ही खेल में सतीश को महारथ हासिल थी। यही कारण रहा है कि फौजी बनने के बाद भी उसने मुक्केबाजी में जोरदार प्रदर्शन किया और एशियाई खेलों में अपनी जगह बनाई। 91 किलोग्राम भार में सतीश को सेमीफाइनल में कजाखस्तान के इवान डिचको ने 3-0 से हराया। तीन जजों ने डवान को विजेता घोषित किया। पराजित होने के बाद सतीश को कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा, लेकिन देश के लिए यह गर्व की बात है।

सतीश ने गांव के ही जय सिंह इंटर कालेज से 12वीं की है। उसके बाद 2008 में सतीश का फौज में चयन हो गया। सतीश के पिता किरनपाल यादव बताते हैं कि उसके बेटे का यह दसवां पदक है। इससे पूर्व वह सात गोल्ड, एक रजत और एक कांस्य पदक जीत चुका है। सतीश के बड़े भाई जयप्रकाश भी फौज में हैं। दो छोटे भाई जितेन्द्र और हरीश कुमार अभी शिक्षा हासिल कर रहे हैं। इनका सपना भी सतीश की तरह खेलों में भारत का नाम रोशन करना है।

रविवार को सतीश पहुंचेंगे गांव

विजेता सतीश रविवार को गांव पचौता पहुंचेंगे। उनके स्वागत की तैयारी गांव में की गई है। जय सिंह इंटर कालेज के छात्र भी समारोह को यादगार मनाने के लिए तैयारी कर रहे हैं।