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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब साल में तीन बार होगा पशुओं का वैक्सीनेशन

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Published: Thu, 12 May 2016 02:16 AM (IST)

अभिनय सिंह, बरेली एफएमडी (फुट एंड माउथ डिसीज) यानी खुरपका-मुंहपका की वैक्सीन को लेकर उठे विवाद

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अभिनय सिंह, बरेली

एफएमडी (फुट एंड माउथ डिसीज) यानी खुरपका-मुंहपका की वैक्सीन को लेकर उठे विवाद से आइवीआरआइ भी सहम उठा है। आनन-फानन में तय हुआ है कि अब साल में तीन बार वैक्सीनेशन होगा। पहले यह प्रकिया दो बार करने का नियम था। बता दें, इन दिनों डॉ. भोजराज ने एफएमडी वैक्सीन की गुणवत्ता को लेकर मुहिम छेड़ रखी है। हालांकि, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) उनसे इत्तेफाक नहीं रखता।

पशु चिकित्सा विभाग के मानक

पशु चिकित्सा विशेषज्ञो के मुताबिक, पशुओं को एफएमडी वैक्सीन दिए जाने के अलग-अलग मानक हैं। आमतौर पर वैक्सीन की रोग प्रतिरोधक क्षमता के अनुसार इन्हें साल में एक या अधिकतम दो बार दिया जाता है। गर्भवती पशुओं का वैक्सीनेशन नहीं करते। इसी प्रकार एक से चार और चार से आठ महीने के पशुओं के बच्चों को भी एफएमडी वैक्सीन नहीं लगाई जाती। ऐसा पशुओं की वर्गीकरण के आधार पर होता है।

नए फैसले की वजह

आइवीआरआइ (भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान) में कैडरैड के संयुक्त निदेशक वीके गुप्ता की ओर से दो मई को एक पत्र जारी हुआ। इसमें वेटनरी मेडिसिन डिपार्टमेंट को भेजे गए ऑर्डर में कहा गया है कि संस्थान के जानवरों को साल में अब तीन बार एफएमडी वैक्सीन लगाई जाए। यह भी कहा गया है कि वैक्सीनेशन एक महीने से बड़े पशुओं के बच्चों का भी किया जाए। हालांकि, इसके पीछे मंशा क्या है, इस बारे में जब वीके गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया। बता दें कि कुछ महीने पहले ही आइवीआरआइ के डेयरी फार्म में एफएमडी हुआ था जिसमें आधा दर्जन से अधिक पशुओं की मौत हुई थी। तब आइवीआरआइ ने कहा था कि इन पशुओं का वैक्सीनेशन नहीं हुआ था। जबकि सूत्रों का कहना है कि वैक्सीनेशन से पहले वहां कोई भी जानवर फार्म में शामिल नहीं किया जाता है।

वैक्सीन पर यह है विवाद

बता दें कि आइआइएल (इंडियन इम्युनोलॉजिकल लैब) के बैच को डॉ. भोजराज ने अधोमानक करार दिया था। इसको लेकर मौजूदा समय में बवाल मचा हुआ है। आइआइएल ने डॉ. भोजराज पर 102 करोड़ रुपये का मानहानि का दावा किया है।

वर्जन---

एफएमडी वैक्सीन से जुड़ा मामला कोर्ट में विवादित है। इसको लेकर मैं कुछ भी नहीं कह सकता है।

-डॉ. आरके सिंह, निदेशक आइवीआरआइ

एफएमडी की वैक्सीन साल में एक या दो बार ही लगाई जाती है। गर्भवती व एक से चार और चार से आठ महीने के पशुओं को नहीं लगाते हैं। आइवीआरआइ शोध संस्थान है, उनके फैसले पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।

-डॉ. तिलक सिंह, अपर निदेशक पशु चिकित्सा