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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यहां तो सामान्य दिनों में भी रहती है अव्यवस्था

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Published: Tue, 12 Feb 2013 01:03 AM (IST)Updated: Tue, 12 Feb 2013 08:16 AM (IST)

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प्लेटफार्म पर नहीं एक अदद टीनशेड

जागरण कार्यालय, बाराबंकी : बाराबंकी रेलवे जंक्शन पर यात्रियों को सामान्य दिनों में अव्यवस्था का सामना करना पड़ता है। सकरा फुट ओवरब्रिज से लेकर प्लेटफार्म पर बैठने के लिए भी सीट तक की सुविधा रेलयात्रियों के लिए नहीं है।

कहने को तो बाराबंकी रेलवे जंक्शन को ए श्रेणी का दर्जा प्राप्त है। मगर सुविधाओं के मामले में काफी पीछे है। प्लेटफार्म नंबर एक को छोड़ दे तो प्लेटफार्म नंबर दो व तीन पर टीन शेड न होने से धूप की तपिश, ठंड मौसम की मार व बारिश में पानी का दंश रेलयात्रियों को झेलने के लिए विवश होना पड़ता है।

सकरा फुट ओवरब्रिज : रेलवे स्टेशन पर एकमात्र बना फुट ओवरब्रिज इतना सकरा है कि अगर भारी भीड़ आ जाए तो एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर पहुंचना रेलयात्रियों के लिए कठिन हो जाता है। अधिकांश रेलयात्री जल्दबाजी के चक्कर में जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार करते है। इस संबंध में स्थानीय रेलवे प्रशासन के अधिकारियों ने कुछ भी बोलने से इंकार किया। यह भी बताया कि ए श्रेणी का दर्जा तो प्राप्त है मगर अभी तक ए श्रेणी की सुविधा नहीं प्राप्त कराई गई है। दूसरी ओर डीआरएम उत्तर रेलवे से संपर्क करने का प्रयास किया मगर बात नहीं हो पाई।

प्रतिदिन 125 ट्रेनों का होता आवागमन : बाराबंकी रेलवे जंक्शन से प्रतिदिन 125 ट्रेनों का आवागमन होता है। बावजूद इसके मूलभूत सुविधाओं से स्टेशन वंचित है। स्थानीय रेलवे प्रशासन के अनुसार प्रतिदिन छह हजार के करीब रेलयात्री यहां से यात्रा करते है।

भीड़ से होती है समस्या : स्थानीय रेलवे प्रशासन के अनुसार जिले से इलाहाबाद जाने के लिए कोई ट्रेन संचालित नहीं है। यहां के रेलयात्री इलाहाबाद के लिए लखनऊ से ट्रेन पकड़ते है। बीती 7, 8 व नौ फरवरी को लखनऊ जाने के लिए अधिक भीड़ रही सात फरवरी को करीब 8500 रेलयात्री, आठ फरवरी को 8700, नौ फरवरी को 8000रेलयात्री यहां से लखनऊ के लिए रवाना हुए। वहां से मौनी अमावस्या के दिन इलाहाबाद पहुंचने के लिए रवाना हुए।

पेयजल की भी दिक्कत : प्लेटफार्म पर पीने के पानी के लिए रेलयात्रियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। प्रसाधन के न होने से रेलयात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सर्वाधिक दिक्कत महिलाओं के लिए होती है। रेलवे स्टेशन पर पर्व के मौके पर रेलयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ती है। इसके अलावा गर्मी व सर्दी के अवकाश में भी रेलयात्रियों की भीड़ रहती है।

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