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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एक और कैराना : अब अलीगढ़ में 10 परिवार हुये पलायन को मजबूर

By Nawal MishraEdited By:
Published: Fri, 22 Jul 2016 10:04 PM (IST)Updated: Sat, 23 Jul 2016 11:14 AM (IST)

कानून व्यवस्था और गुंडई कर रहे लोगों पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई में नरमी दिखाने से अलीगढ़ की बाबरी मंडी के हालात कैराना और कांधला सरीखे हो गए हैं।

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अलीगढ़ (जेएनएन)। ध्वस्त कानून व्यवस्था और गुंडई कर रहे वर्ग विशेष के लोगों पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई में नरमी दिखाने से शहर के मुहल्ला बाबरीमंडी के हालात कैराना और कांधला सरीखे हो गए हैं। आज महापौर शकुंतला भारती के साथ आए 10 परिवारों ने मकान-दुकान बेचने की अनुमति संबंधी शपथपत्र प्रभारी डीएम को देकर सनसनी मचा दी। बताया भी कि माहौल बेहद खराब हो चुका है। समुदाय विशेष के लोग राह चलते महिलाओं से बदसलूकी और घर में घुसकर छेडख़ानी करते हैं। रोकने पर पथराव और मारपीट करते हैं। पुलिस और प्रशासन इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करता। ऐसे माहौल से तंग आकर घर-बार बेचना चाहते हैं। प्रभारी डीएम अवधेश तिवारी ने लाख समझाने की कोशिश की, पर लोग अडिग रहे।

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महापौर शकुंतला भारती व भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत के साथ शुक्रवार को बाबरी मंडी में रहने वाले कपिल गुप्ता, अंकुल वाष्र्णेय, मुकेश अग्रवाल, योगेश वाष्र्णेय, गिरीश चंद्र वाष्र्णेय, अन्नू अग्रवाल, अमित वाष्र्णेय, राकेश, महेश चंद्र और मुकेश सिंह कलक्ट्रेट पहुंचे। लोगों ने प्रभारी डीएम को बताया कि बाबरी मंडी पूरी तरह से कैराना बन चुकी है। आए दिन अल्पसंख्यक लोग घरों में घुसकर बहन-बेटियों से छेड़खानी करते हैं। विरोध करने पर मारपीट व पथराव करते हैं। पुलिस इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं कर रही है। इस कारण वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ऐसे में वहां से घर और दुकान बेचने के अलावा अब हमारे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है। महापौर शकुंतला भारती ने कहा कि सपा सरकार में विशेष समुदाय के हौसले बुलंद हैं। घरों में बहन, बेटियां भी सुरक्षित नहीं हैं। बाबरी मंडी में जिस तरह बवाल हुआ है, यह इसका सबूत है। पुलिस आरोपियों को पकडऩे के बजाय हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

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सुरक्षा मुहैया होगी

प्रभारी डीएम अवधेश कुमार तिवारी ने कहा कि बाबरी मंडी में हालात सामान्य कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह से लगा हुआ है। जिन लोगों ने मकान-दुकान बेचने के शपथ पत्र दिए हैं, उन्हें पूरी तरह से सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई भी होगी।

नवविवाहिता को खींच लेने से फूटा आक्रोश

शहर कोतवाली क्षेत्र का करीब 25 हजार की मिश्रित आबादी वाला बाबरी मंडी इलाका अतिसंवेदनशील रहा है। यहां हिंदू अल्पसंख्यक हैं। इनका ताजा आक्रोश बुधवार रात पति के साथ घर लौट रही नवविवाहिता से छेडख़ानी और उसे निर्वस्त्र करने की कोशिश के साथ फूटा। पति के विरोध करने पर उसे पीटा गया। चेन लूट ली गई। खबर पाकर घरवाले आए तो उनकी भी पिटाई की गई। पथराव हुआ, फायरिंग की गई। इसमें कई लोग चोटिल भी हुए। भाजपाइयों ने रिपोर्ट लिखकर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर रात चार बजे तक थाने पर डेरा डाले रखा। तब कहीं पीडि़ता की तहरीर पर छेडख़ानी व लूट की चार के खिलाफ नामजद रिपोर्ट हुई। उसके ससुर की तहरीर पर सात लोगों के खिलाफ पथराव, जान से मारने की धमकी आदि की रिपोर्ट लिखी गई। देरशाम एक आरोपी गिरफ्तार भी किया गया।

महिलाओं ने भी घेरी कोतवाली

महिलाएं भी शुक्रवार को घंटों कोतवाली घेरे रहीं। पुरुष भी साथ थे। आरोप लगाया कि पुलिस ने भाजपा नेताओं के दबाव में एकतरफा कार्रवाई की है। दबिश के बहाने पुलिस दरवाजे तोड़ रही है। बर्बरतापूर्ण व्यवहार कर रही है। दलील दी कि छेडख़ानी के बाद पथराव दूसरी ओर से भी हुआ था। उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। सीओ प्रथम राजकुमार व सिटी मजिस्टे्रट पंकज वर्मा ने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा देकर उन्हें शांत कराया। वहीं, शहर से सपा विधायक जफर आलम भी पीडि़तों के साथ एसएसपी लव कुमार से मिले और रिपोर्ट लिखने की मांग की। एसएसपी ने निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है।