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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 11, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इस गांव में लड़कियां नही लड़कों को माना जाता है दुर्भाग्यशाली

By Babita KashyapEdited By:
Published: Thu, 11 Aug 2016 10:57 AM (IST)Updated: Thu, 11 Aug 2016 11:23 AM (IST)

इस गांव की खासियत यह है की यहां लड़के नही बल्कि लड़कियां राज करती हैं। यहां कि संस्कृति को देखने के लिये पर्यटक यहां खिंचे चले आते हैं।

इस गांव में लड़कियां नही लड़कों को माना जाता है दुर्भाग्यशाली
इस गांव में लड़कियां नही लड़कों को माना जाता है दुर्भाग्यशाली

भारत में लोगों की मानसिकता ही कुछ ऐसी है कि यहां लड़कों को लड़कियों से ज्यादा पसंद किया जाता है। यहां रहने वाला प्रत्येक शादीशुदा जोड़ा चाहता है कि उन्हें पुत्र रत्न की ही प्राप्ति हो।

आपको जानकार आश्चर्य होगा कि मेघालय में स्थित 'मावलीनांग गांव' में एकखास जनजाति के लोग रहते हैं जिनकी आबादी लगभग 500 लोगों की है। इस गांव की खासियत यह है की यहां लड़के नही बल्कि लड़कियां राज करती हैं। यहां कि संस्कृति को देखने के लिये पर्यटक यहां खिंचे चले आते हैं। खासी समाज एक ऐसा दुर्लभ समाज है जहां केवल महिलाओं की ही सत्ता चलती है। इस गांव में बच्चे अपने पिता का नही बल्कि अपनी मां का सरनेम अपने नाम के साथ लगाते हैं।

एशिया का ये गांव इतना साफ-सुथरा और सुंदर है कि इसे भारत का गौरव और ईश्वर का बगीचा जैसे नामों से पुकारा जाता है। यहां बहुत से तालाब और झरने भी हैं।

भारत के अन्य क्षेत्रों की तरह यहां पुरुष प्रधान समाज औरतों पर हावी नही होता। यहां महिलाओं को सौभाग्यशाली और पुरूषों को दुर्भाग्यशाली माना जाता है। यहां महिलाओं को किसी भी काम को करने की मनाही नही है वो बिना रोक-टोक के अपना जीवन जीती हैं। इस गांव की सभी लड़कियां काम करती हैं और अपने परिवार की आय में अपना योगदान देती हैं।

खासी समुदाय में महिलाओं को अपनी पसंद से विवाह करने की पूरी आजादी है और वो अपनी मर्जी से तलाक भी ले सकती हैं। इस जनजाति में परिवार की सबसे छोटी बेटी ही पूरी संपत्ति की वारिस होती है।

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