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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 20, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बढ़ सकता है एलटीसी का दायरा

By Babita KashyapEdited By:
Published: Fri, 20 Feb 2015 12:29 PM (IST)Updated: Fri, 20 Feb 2015 12:40 PM (IST)

पर्यटन क्षेत्र को ब़ढावा देने के लिए आगामी आम बजट में एलटीए और एलटीसी का दायरा बढ़ाया जा सकता है। ...और पढ़ें

बढ़ सकता है एलटीसी का दायरा
बढ़ सकता है एलटीसी का दायरा

नई दिल्ली । पर्यटन क्षेत्र को ब़ढावा देने के लिए आगामी आम बजट में एलटीए और एलटीसी का दायरा बढ़ाया जा सकता है। टैक्स छूट के उद्देश्य से इसमें यात्रा खर्च के अलावा होटल में ठहरने के साथ अन्य खर्चों को भी शामिल किया जा सकता है।

वित्त मंत्री अरण जेटली 28 फरवरी को आम बजट में इस बाबत एलान कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही पर्यटन को ब़$ढावा देने की इच्छा जता चुके हैं। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक अवकाश यात्रा रियायत ([एलटीसी)] या अवकाश यात्रा भत्ते ([एलटीए)] के फायदे को हर वर्ष उठाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी देने पर विचार किया जा रहा है।

फिलहाल चार साल में दो बार कर्मचारी इसका लाभ उठा पाते हैं। मौजूदा व्यवस्था के तहत एलटीए या एलटीसी में केवल इकोनॉमी क्लास हवाई यात्रा या फस्र्ट क्लास रेलवे किराया शामिल है।

बढ़ेंगे रोजगार के मौके

विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन को बढ़ावा देने से विभिन्न क्षेत्रों का विकास होगा और ब़डी संख्या में रोजगार के मौके पैदा होंगे। केपीएमजी ([इंडिया)] पार्टनर के विकास वसल ने कहा कि घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहित करना है तो एलटीसी लाभ को हर वित्त वर्ष के लिए बढ़ाया जाना चाहिए। होटल में रकने के अलावा अन्य खर्च भी कर रियायत में शामिल किए जा सकते हैं। एलटीसी या एलटीए का लाभ कर्मचारी और उस पर आश्रित परिजनों को मिलता है।