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    22 साल पुराना हुआ इंटरनेट, 5000 रुपये से शुरू होती थी इंटरनेट सेवा

    By Joyeeta BhattacharyaEdited By:
    Updated: Thu, 17 Aug 2017 03:00 PM (IST)

    15 अगस्त, साल 1995 से शुरू हुई इंटरनेट की सर्विस। चुकानी होती थी यूजर को भारी कीमत

    22 साल पुराना हुआ इंटरनेट, 5000 रुपये से शुरू होती थी इंटरनेट सेवा

    नई दिल्ली (जेएनएन)। भारत में इंटरनेट को आए 22 साल पूरे हो चुके हैं। 15 अगस्त 1995 के दिन भारत में इंटरनेट सर्विस की शुरुआत हुई थी। 15 अगस्त को विदेश संचार निगम लिमिटेड (VSNL) ने भारत में आम जनता के लिए आधिकारिक तौर इंटरनेट को लॉन्च किया था। तभी से वर्ल्ड वाइड वेब हमारी जिंदगी का एक हिस्सा बन गया। आज के समय में इंटरनेट शिक्षा के लिए कोडिंग, शॉपिंग, बैंकिग पयार्य है। इंटरनेट के सफर पर ध्यान दें तो बड़ी मशीनों से लेकर साइबर कैफे तक भारत में इंटरनेट की यात्रा दिलचस्प रही है। अब, 22 वर्षों के बाद, जहां एक तरफ भारत में इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर यूजर्स को मुफ्त डाटा की सुविधा दे रहें है, वहीं दूसरी ओर हमारे पास भविष्य की वर्चुअल रियलिटी और आग्मेन्टड रियलिटी मौजूद है।

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    नैशनल रिसर्च नेटवर्क के साथ शुरू हुआ इंटरनेट का इतिहास:

    भारत में इंटरनेट का इतिहास 1986 में नैशनल रिसर्च नेटवर्क (ERNET) के लॉन्च के साथ शुरू हुई थी। हालांकि, उस समय नेटवर्क को केवल शिक्षा और रिसर्च के लिए ही उपलब्ध कराया गया था। भारत सरकार और यूनाइटेड नेशन डेवलेपमेंट प्रोग्राम (UNDP) के सपोर्ट और आर्थिक सहायता के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग (DOE) ने नेटवर्क शुरू किया था। इसके बाद NICNet की शुरुआत 1988 में हुई। इस नेटवर्क का संचालन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा किया गया था।

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    चुकानी पड़ती थी ज्यादा कीमत:

    इसी बीच, भारतीय टेक्नोनोमिस्ट ने एक तस्वीर को साझा किया है जिसमें विदेश संचार निगम लिमिटेड की इंटरनेट सेवाओं की कीमतों को दिखाया गया है। चार्ट के अनुसार, हम देख सकते हैं कि भारतीयों को इंटरनेट के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ती थी। चार्ट को दो कैटेगरी में बांटा गया है- डायल अप कनेक्शन और लीज लाइन। इसके अलावा, विकल्पों को 5 यूजर कैटेगरी में बांटा गया है जिसमें प्रोफेशल, गैर वाणिज्यिक, वाणिज्यिक, निर्यातकों और सर्विस प्रोवाइडर्स शामिल हैं।

    सबसे कम स्पीड के लिए चुकाने होते थे 5000 रुपये:

    अगर हम लिस्ट पर ध्यान दे तो, सबसे कम स्पीड 9.6 kbps के लिए वीएसएनएल को 5000 रुपये चुकाने पड़ते थे। वही देखा जाए तो सर्विस प्रोवाइडर की ओर से सबसे ज्यादा स्पीड 128 kbps के लिए 30 लाख रुपये चुकाने पड़ते थे। आपको बता दें कि इनकी सभी राशि फ्लैट वार्षिक दर की है। जब यह लीज लाइन कनेक्शन पर आए तो इसकी राशि वीएसएनएल को चुकानी होती थी।

    नोट: इकॉनोमिक्स टाइम्स में छपी एक खबर मुताबिक यह चार्ट The Indian Techonomist में पोस्ट किया गया है। इसकी प्रमाणिकता की पुष्टि हम नहीं देते।

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