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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 18, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हर की पैड़ी के घाटों पर पर्याप्त जल नहीं

By Preeti jhaEdited By:
Published: Wed, 18 Mar 2015 04:08 PM (IST)Updated: Wed, 18 Mar 2015 04:16 PM (IST)

हरकी पैड़ी पर गंगा जल की मात्रा कम होने पर श्री गंगा सभा ने नाराजगी जताई है। सभा ने उत्तर ...और पढ़ें

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हरिद्वार। हरकी पैड़ी पर गंगा जल की मात्रा कम होने पर श्री गंगा सभा ने नाराजगी जताई है। सभा ने उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के ईई को पत्र भेजकर हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड पर समुचित मात्रा में जल छोड़े जाने की मांग की।

हरकी पैड़ी के घाटों पर कई दिनों से गंगा जल की मात्रा कम है, जिससे श्रद्धालुओं को गंगा स्नान में समस्या उठानी पड़ रही है। श्री गंगा सभा के सभापति कृष्ण कुमार शर्मा, अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा गांधीवादी और महामंत्री रामकुमार मिश्र ने उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग उत्तरी खंड गंगनहर के अधिशासी अभियंता को पत्र भेजा है। श्री गंगा सभा के प्रतिनिधियों का कहना है कि वर्तमान में ब्रह्मकुंड हरकी पैड़ी पर जल की मात्रा काफी कम है, जबकि ब्रिटिश शासन के समय से ही लिखित अनुबंध चल रहा है, जिसमें कहा गया कि अविच्छिन धारा में कोई अवरोध नहीं होगा। जल भी पर्याप्त मात्रा में रहेगा।

गंगा की अविच्छिन धारा का मुहाना उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने संकरा कर दिया। इससे घाटों पर जल की मात्र कम हो रही है। गंगा घाटों पर पर्याप्त जल छोड़े जाने की मांग की। श्री गंगा सभा ने एमएनए को भी पत्र लिखा है, जिसमें हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड पर फोटोग्राफी प्रतिबंधित किए जाने की मांग की। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के एसडीओ एमके सिंह का कहना है कि पीछे से ही जल कम आने के कारण जल की मात्रा कुछ कम हुई है।