साहित्य

Poem and Book Review

कविता/पुस्तक समीक्षा

Updated on: Thu, 28 Apr 2016 02:36 PM (IST)

अब तो बख्शो हे पुरुष महापुरुष परमपिता अब तो बख्शो मत कहो मुझे अच्छी, संस्कारी, सुशील कि दुखने लगे हैं जकडे पंख लुभाता है आसमान का न्यौता बख्शो हे परमपिता मत बनाओ देवी आंगन की तुलसी कि जडता नहीं गतिशीलता की चाह है तय है मंज्ि... और पढ़ें »

दस्तक

Dastak

Updated on: Thu, 31 Mar 2016 03:11 PM (IST)
        

चंद्रा जी दोपहर में घर में अकेली रहती थीं। घर में काम करने वाली बाई साढे ग्यारह बजे तक झाडू-पोंछा व बर्तन करने चली जाती थी। सुबह सबसे पहले जाने वालों में होता था बडा बेटा नवीन, जो एम.डी. कर चुका था और अब एक प्राइवेट हॉस्पिटल में िफज्िाशियन था। उसके ... और पढ़ें »

कविताएं

poem

Updated on: Mon, 29 Feb 2016 04:14 PM (IST)
        

विगत 27 वर्षों से लेखन के क्षेत्र में हैं दिनेश वर्मा। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन, कवि सम्मेलनों में शिरकत, मंचीय प्रस्तुतियों का अनुभव। आकाशवाणी से कविताओं का प्रसारण। फागुन की मस्ती में रंगों से सराबोर होली ने... और पढ़ें »

तुम्हारे बिना

Story: Tumhare Bina

Updated on: Mon, 29 Feb 2016 03:57 PM (IST)
        

आज स्त्री-पुरुष दोनों मिल कर परिवार का जीवन-यापन कर रहे हैं मगर जैसे ही कोई समस्या आती है, स्त्री को ही करियर छोडऩा पडता है। क्या उसका करियर महत्वपूर्ण नहीं है? इसी सवाल से जूझ रही है इस कहानी की नायिका। फिस के बाहर गीता को देख आश्चर्यमिश्रित खुशी स... और पढ़ें »

अपना समय

story: Apna samay

Updated on: Mon, 29 Feb 2016 03:45 PM (IST)
        

स्त्री का अपना कोई समय नहीं होता। वह बंटा होता है कई हिस्सों में। एक हिस्से में उसका पति और बच्चे होते हैं, दूसरे में रिश्तेदार व समाज और ढेरों जिम्मेदारियां। एक तीसरा हिस्सा भी होता है, जो उसका हो सकता है, पर तभी, जब वह चाहे। चाहना उसे खुद ही होग... और पढ़ें »

अनोखा उपहार

Story- Anokha Uphar

Updated on: Tue, 02 Feb 2016 02:20 PM (IST)
        

भाई-बहन का रिश्ता बडा अनोखा होता है। बहनों का स्नेह तो इतना घना होता है कि ज्ारूरत पडऩे पर वे मां की भूमिका भी निभा देती हैं। भाई के सपने को पूरा करने की ख्ाातिर सोहना ने जो कदम उठाया, उससे न सिर्फ भाई बल्कि उसके पिता भी आश्चर्यचकित रह गए। हना ने लग... और पढ़ें »

गजलें

Gazal

Updated on: Mon, 01 Feb 2016 03:02 PM (IST)
        

कायमगंज, फर्रूख्ााबाद (उत्तर प्रदेश) में जन्मे आलोक यादव की शिक्षा लखनऊ और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हुई। अब तक कई रचनाएं राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। आकाशवाणी-दूरदर्शन से रचनाओं का प्रसारण, कई पुरस्कार व सम्मान प्राप्त। एक ग्ाज... और पढ़ें »

परलोक सुधारने के लिए

Story- Parlok sudharne ke liye

Updated on: Mon, 01 Feb 2016 02:54 PM (IST)
        

परलोक सुधारने के लिए कई बार लोग इहलोक को बिगाड बैठते हैं। अम्मा की इच्छा थी भागवत कथा सुनने की। लिहाज्ाा इसका आयोजन किया गया। मगर उन्हें कहां मालूम था कि अपनी भक्ति व श्रृद्धा की ख्ाातिर उन्हें इतना ख्ार्च करना पडेगा कि बजट हिल जाएगा और ऐसे आयोजनों ... और पढ़ें »

धानी चूनर

Story- Dhani Chunar

Updated on: Sat, 30 Jan 2016 04:10 PM (IST)
        

प्रेम बडा ज्िाद्दी होता है, लेकिन समाज और वक्त के आगे कई बार उसे झुकने को मजबूर होना पडता है। समय की आंधी प्रेम को दूर छिटका देती है। कुछ लोग होते हैं, जो प्रेम की ख्ाातिर हर चुनौती और मुश्किल का सामना करने को तैयार रहते हैं। वे समय के आगे हार नहीं... और पढ़ें »

विदाई

Vidai

Updated on: Sat, 26 Dec 2015 04:04 PM (IST)
        

शादी जीवन भर का रिश्ता है, इसलिए यह फैसला बहुत सोच-समझ कर लेना चाहिए। कई बार माता-पिता भी नासमझी में ऐसा निर्णय ले लेते हैं, जिससे बाद में उन्हें पछताना पड सकता है। बेटियों को अपने जीवन का फैसला लेने का अधिकार दें और उनकी बात सुनें, यही संदेश है इस ... और पढ़ें »

आवरण

aavran

Updated on: Sat, 26 Dec 2015 04:01 PM (IST)
        

दुनिया बहुत आगे बढ गई है। स्त्रियों की दुनिया भी बाहरी तौर पर बहुत आधुनिक दिखती है, मगर अकेली स्त्री के लिए जीवन आज भी बहुत सहज नहीं है। वैवाहिक विफलता के लिए दोषी चाहे कोई भी हो, मगर स्त्री पर दोष मढ देने की मानसिकता आम है। कई बार इन्हीं विरोधाभासो... और पढ़ें »

वो इक रात का फसाना

story

Updated on: Sat, 26 Dec 2015 03:55 PM (IST)
        

गहनों के प्रति स्त्री का मोह तो जग-ज्ााहिर है। आभूषण स्त्री के सौंदर्य में चार चांद लगाते हैं, साथ ही गाढे वक्त में भी काम आते हैं। स्त्रियों के लिए सुरक्षा कवच से कम नहीं होते गहने, मगर जब बडी जुगत लगा कर संभाले गए इन गहनों पर सेंध लग जाए तो! उफ! व... और पढ़ें »

सफर

safar

Updated on: Fri, 27 Nov 2015 02:55 PM (IST)
        

हमसफर अच्छा हो तो मीलों की दूरियां भी कम नज्ार आती हैं, वर्ना छोटी सी यात्रा भी अंतहीन लगने लगती है। शुरू में विंडो सीट के लिए ज्िाद करती गुरूर से भरी वह लडकी मन को खिन्न कर रही थी, मगर धीरे-धीरे खुली तो ऐसी कि मन ही चुरा ले गई। एक रोमैंटिक सफर की क... और पढ़ें »

अनोखा रिश्ता

Anokha Rishta

Updated on: Fri, 27 Nov 2015 02:40 PM (IST)
        

ग्रामीण से दिखने वाले दो भाइयों ने बाई को डूबने से बचाया था और बदले में बाई ने उन्हें भाई बना लिया। तब से हर वर्ष कुछ दिन वे बाई के घर बिताते। घर के कुछ सदस्यों को उनका आना रास न आया। बहुओं के बीच होती बातचीत कानों में पडी तो भाइयों का आना थम गया, म... और पढ़ें »

सूपा

Supa

Updated on: Fri, 27 Nov 2015 02:36 PM (IST)
        

शादी के बाद लडकियों के लिए ससुराल ही सब कुछ होता है। किसी कारण लडकी मायके लौट आए तो इसे अच्छा नहीं समझा जाता। वह ऐसी ज्िाम्मेदारी होती है, जिसे दुनियादारी के लिए भले ही निभाया जाए, मगर मन से नहीं निभाया जा पाता। सूपा बिलख-बिलख कर रो रही है। टूट गई... और पढ़ें »

फोबिया

Phobia

Updated on: Fri, 23 Oct 2015 03:28 PM (IST)
        

अपने दादा जी के बुज्ाुर्ग मित्रों के सान्निध्य में रहते हुए नन्हा सा बच्चा समय से पहले परिपक्वता की तरफ बढ रहा था। यह देख कर सबको चिंता होने लगी। पोते की हालत देख दादा ने अपनी मित्र मंडली की बातों का रुख्ा बदलने की कोशिश की, ताकि बच्चे को फोबिया से ... और पढ़ें »

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