साहित्य

Poetry Book Review

कविता पुस्तक समीक्षा

Updated on: Fri, 19 Aug 2016 10:30 AM (IST)

अमीश त्रिपाठी अपनी किताब 'शिवा ट्राइलॉजी' से इतने मशहूर हुए कि उनकी अगली किताब का पाठकों को हमेशा इंतजार रहता है। शिव के बाद उन्होंने पौराणिक पात्र पुरुषोत्तम राजा रामचंद्र पर लिखने का विचार किया। 'सायन ऑफ इक्ष्वाकु' रामचंद्र... और पढ़ें »

अनुत्तरित प्रश्न

unanswered question

Updated on: Sat, 28 May 2016 03:50 PM (IST)
        

तीस साल पहले की एक घटना आज भी उसे बेचैन किए रहती है। एक ग्लानि है, जो मथती रहती है। कहते हैं, सही समय पर सही फैसला न लिया जाए तो पछतावे के सिवा कुछ हासिल नहीं होता। यही पछतावा आज उसे नेक कार्यों के लिए प्रेरित करता है, हालांकि लोग उसे नहीं समझ पाते... और पढ़ें »

अपराजिता

Aprajita

Updated on: Fri, 27 May 2016 04:38 PM (IST)
        

आज शोभना की ट्रेनिंग का आख्िारी दिन था, परसों उसे नौकरी पर जाना था। अति उत्साह में अपनी बैचमेट्स को बता रही थी, 'मैं घर पहुंचकर सबसे पहले काशी विश्वनाथ जी के दर्शन करूंगी....। तभी सीमा ने याद दिलाया कि आज तो हम सबको मुरादाबाद की सैर करनी है और घरवाल... और पढ़ें »

कविता/पुस्तक समीक्षा

Poem and Book Review

Updated on: Thu, 28 Apr 2016 02:36 PM (IST)
        

अब तो बख्शो हे पुरुष महापुरुष परमपिता अब तो बख्शो मत कहो मुझे अच्छी, संस्कारी, सुशील कि दुखने लगे हैं जकडे पंख लुभाता है आसमान का न्यौता बख्शो हे परमपिता मत बनाओ देवी आंगन की तुलसी कि जडता नहीं गतिशीलता की चाह है तय है मंज्िाल सामने लंबी राह है शाम ... और पढ़ें »

वायदा

Story Vayda

Updated on: Thu, 28 Apr 2016 01:07 PM (IST)
        

अपनी-अपनी जिंदगी में व्यस्त बच्चों के पास बीमार मां की तीमारदारी का वक्त नहीं और मां है कि अपने अंतिम समय में हर बच्चे का मुंह देखना चाहती है। मां के एक फोन कॉल ने सबके कार्यक्रम डिस्टर्ब कर दिए मगर अंतिम इच्छा तो पूरी करनी ही थी। वृद्धावस्था के दर्... और पढ़ें »

मुझे माफ कर दो

Story Mujhe maaf kar do

Updated on: Tue, 05 Apr 2016 03:37 PM (IST)
        

बुज्ाुर्ग हमारे जीवन का आधार हैं, मगर तेज्ारफ्तार जीवनशैली में वे हाशिये पर चले गए हैं। मशीनी जीवन जीते लोगों की संवेदनाएं इतनी मर जाती हैं कि घर के बुज्ाुर्ग उन्हें बोझ लगने लगते हैं। मौत के बाद ढेरों कर्मकांड करने से क्या फायदा अगर जीते-जी माता-पित... और पढ़ें »

गृहिणी : कुछ छवियां

poem

Updated on: Fri, 01 Apr 2016 04:43 PM (IST)
        

अर्थशास्त्र के अलावा पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातकोत्तर डिग्री। हिंदी समाचार पत्रों में प्रकाशित सामाजिक विज्ञापनों से जुडे विषय पर शोधकार्य। प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में कार्य का अनुभव, समाचार-वाचन और एंकरिंग का अनुभव, अध्यापन क्षेत्र से जु... और पढ़ें »

काली बिल्ली की व्यथा

Story Kali billi ki vyatha

Updated on: Fri, 01 Apr 2016 04:34 PM (IST)
        

यूं तो समस्त जीव इसी सृष्टि में जन्मे हैं और सभी को जीवन का अधिकार भी इंसान जितना ही है। इसके बावज्ाूद अंधविश्वास से घिरे कुछ लोग बिल्ली और ख्ाासतौर पर काली बिल्ली को अपशकुन मानते हैं। उसके रास्ता काटने पर रुक जाते हैं। ऐसे में बेचारी नन्ही सी बिल्ल... और पढ़ें »

दस्तक

Dastak

Updated on: Thu, 31 Mar 2016 03:11 PM (IST)
        

चंद्रा जी दोपहर में घर में अकेली रहती थीं। घर में काम करने वाली बाई साढे ग्यारह बजे तक झाडू-पोंछा व बर्तन करने चली जाती थी। सुबह सबसे पहले जाने वालों में होता था बडा बेटा नवीन, जो एम.डी. कर चुका था और अब एक प्राइवेट हॉस्पिटल में िफज्िाशियन था। उसके ... और पढ़ें »

कविताएं

poem

Updated on: Mon, 29 Feb 2016 04:14 PM (IST)
        

विगत 27 वर्षों से लेखन के क्षेत्र में हैं दिनेश वर्मा। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन, कवि सम्मेलनों में शिरकत, मंचीय प्रस्तुतियों का अनुभव। आकाशवाणी से कविताओं का प्रसारण। फागुन की मस्ती में रंगों से सराबोर होली ने... और पढ़ें »

तुम्हारे बिना

Story: Tumhare Bina

Updated on: Mon, 29 Feb 2016 03:57 PM (IST)
        

आज स्त्री-पुरुष दोनों मिल कर परिवार का जीवन-यापन कर रहे हैं मगर जैसे ही कोई समस्या आती है, स्त्री को ही करियर छोडऩा पडता है। क्या उसका करियर महत्वपूर्ण नहीं है? इसी सवाल से जूझ रही है इस कहानी की नायिका। फिस के बाहर गीता को देख आश्चर्यमिश्रित खुशी स... और पढ़ें »

अपना समय

story: Apna samay

Updated on: Mon, 29 Feb 2016 03:45 PM (IST)
        

स्त्री का अपना कोई समय नहीं होता। वह बंटा होता है कई हिस्सों में। एक हिस्से में उसका पति और बच्चे होते हैं, दूसरे में रिश्तेदार व समाज और ढेरों जिम्मेदारियां। एक तीसरा हिस्सा भी होता है, जो उसका हो सकता है, पर तभी, जब वह चाहे। चाहना उसे खुद ही होग... और पढ़ें »

अनोखा उपहार

Story- Anokha Uphar

Updated on: Tue, 02 Feb 2016 02:20 PM (IST)
        

भाई-बहन का रिश्ता बडा अनोखा होता है। बहनों का स्नेह तो इतना घना होता है कि ज्ारूरत पडऩे पर वे मां की भूमिका भी निभा देती हैं। भाई के सपने को पूरा करने की ख्ाातिर सोहना ने जो कदम उठाया, उससे न सिर्फ भाई बल्कि उसके पिता भी आश्चर्यचकित रह गए। हना ने लग... और पढ़ें »

गजलें

Gazal

Updated on: Mon, 01 Feb 2016 03:02 PM (IST)
        

कायमगंज, फर्रूख्ााबाद (उत्तर प्रदेश) में जन्मे आलोक यादव की शिक्षा लखनऊ और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हुई। अब तक कई रचनाएं राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। आकाशवाणी-दूरदर्शन से रचनाओं का प्रसारण, कई पुरस्कार व सम्मान प्राप्त। एक ग्ाज... और पढ़ें »

परलोक सुधारने के लिए

Story- Parlok sudharne ke liye

Updated on: Mon, 01 Feb 2016 02:54 PM (IST)
        

परलोक सुधारने के लिए कई बार लोग इहलोक को बिगाड बैठते हैं। अम्मा की इच्छा थी भागवत कथा सुनने की। लिहाज्ाा इसका आयोजन किया गया। मगर उन्हें कहां मालूम था कि अपनी भक्ति व श्रृद्धा की ख्ाातिर उन्हें इतना ख्ार्च करना पडेगा कि बजट हिल जाएगा और ऐसे आयोजनों ... और पढ़ें »

धानी चूनर

Story- Dhani Chunar

Updated on: Sat, 30 Jan 2016 04:10 PM (IST)
        

प्रेम बडा ज्िाद्दी होता है, लेकिन समाज और वक्त के आगे कई बार उसे झुकने को मजबूर होना पडता है। समय की आंधी प्रेम को दूर छिटका देती है। कुछ लोग होते हैं, जो प्रेम की ख्ाातिर हर चुनौती और मुश्किल का सामना करने को तैयार रहते हैं। वे समय के आगे हार नहीं... और पढ़ें »

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