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August 04,2015

साहित्य

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Khatti Meethi

हमें भी चाहिए थोड़ी सी आज़ादी

Updated on: Mon, 27 Jul 2015 03:55 PM (IST)

कुछ दिन ही ऐसे होते हैं जो हमें हमारी वस्तुस्थिति पर नए सिरे से विचार करने के लिए मजबूर कर देते हैं। ऐसा ही एक दिन है स्वतंत्रता दिवस। यह हम सबको सोचने के लिए विवश कर देता है कि क्या हम वाकई स्वतंत्र हैं? हैं तो कितने हैं और... और पढ़ें »

हाउस नंबर 302

House no. 302

Updated on: Thu, 25 Jun 2015 03:46 PM (IST)
        

कानों सुनी-आंखों देखी बात भी झूठ हो सकती है। कई बार आंखें कुछ देखती हैं और कुछ व्यक्ति की कल्पना शक्ति काम कर जाती है। ऐसा ही हुआ कहानी के नायक के साथ भी। आंखों ने कुछ देखा और दिमाग ने एक कहानी बुन ली, मगर सच्चाई एक दिन सामने आ गई। नायक को एक बडा सब... और पढ़ें »

लौट आओ शिशिर...

story- Laut aao Shishir

Updated on: Thu, 25 Jun 2015 02:02 PM (IST)
        

जरा सी बारिश ठूंठ को हरा कर देती है, पतझड को बसंत की उम्मीद होती है, मछलियां अपने पानी के सहारे ही जीती हैं, जरा सा प्यार और स्नेह इंसान को बदल देता है, उसे रचनात्मक बना देता है। लेकिन जब वही प्यार खो जाए तो? जल-विहीन मछली सरीखा हो जाता है जीवन..... और पढ़ें »

तीसरा बेटा

third son

Updated on: Sat, 20 Jun 2015 02:48 PM (IST)
        

कई बार थोडी सी मदद भी किसी के सपने साकार कर सकती है। वह तब बच्चा था और उसकी मां दूसरों के घरों में काम करती थी, कभी-कभार मां का हाथ बंटाने वह आ जाता। पढाई के प्रति उसकी लगन देख कर कुछ आर्थिक मदद कर दी तो बच्चे ने दसवीं, बारहवीं की परीक्षा प्रथम श्रे... और पढ़ें »

सिंदूर का सच

Sindoor ka sach

Updated on: Mon, 01 Jun 2015 11:42 AM (IST)
        

स्त्री के लिए शादी करना जितना ज्ारूरी माना जाता है, उससे कहीं ज्य़ादा ज्ारूरी उस शादी को हर कीमत पर बचाए रखना होता है। शादी किसी भी वजह से टूटे, दोष अकसर स्त्री के ही सिर मढ दिया जाता है। इससे बचने के लिए कई बार स्त्रियां सिंदूर के झूठ को आजीवन पहने... और पढ़ें »

सातवां घोड़ा

Seventh Horse

Updated on: Mon, 01 Jun 2015 11:35 AM (IST)
        

लडकी से स्त्री बनने की यात्रा बडी कठिन होती है। कर्तव्यों की लंबी सी सूची पकडा दी जाती है लडकी को। पति को समझते, ससुराल के हर सदस्य का मन जानते-बूझते और सबका अहं तुष्ट करते लडकी मां भी बन जाती है। मगर उसके मन में सपनों से भरी एक लडकी हमेशा ज्िांदा र... और पढ़ें »

झूठ बरोबर तप नहीं...

khatti meethi

Updated on: Mon, 01 Jun 2015 12:59 AM (IST)
        

एक तरफ तो स्कूल की किताबों से लेकर धर्मग्रंथों तक में हर जगह झूठ को पाप बता दिया गया और दूसरी तरफ हर जगह झूठ का ही बोलबाला दिखाई देता है। अब यह कैसे तय हो कि पाप क्या और पुण्य क्या है? मान लिया झूठ बोलना पाप है, परन्तु यह बात आज तक समझ में नहीं आई क... और पढ़ें »

आइए टांग अड़ाएं और सुख भोगें!

Khatti Meethi

Updated on: Thu, 23 Apr 2015 03:13 PM (IST)
        

टांग अडाना केवल एक कला नहीं, बहुत बडी योग्यता भी है। यहां टांग अडाए बिना कुछ नहीं होता। काम बने, इसके लिए टांग अडाना पडता है और कई बार तो दूसरों की अडी हुई टांग निकालने के लिए ही टांग अडाना पडता है। मैं बचपन से चंचल स्वभाव का था। पीठ पीछे मुहल्ले-पड... और पढ़ें »

मेरा सुरक्षित घेरा

Story- Mera Surakshit Ghera

Updated on: Thu, 23 Apr 2015 01:12 PM (IST)
        

कहते हैं दूर के ढोल सुहावने होते हैं। ज्ारूरी नहीं, जो शख्स दूर से भला दिखता हो, वह निजी जिंदगी में भी उतना ही उदार या सहृदय हो। किसी की पावन छवि टूटती है तो बुरा लगता है, मगर कहीं तसल्ली भी मिलती है कि एक भ्रम तो दूर हुआ...। वह टीन एज वाली एक्साइटम... और पढ़ें »

शपथ

story- shapath

Updated on: Thu, 23 Apr 2015 01:04 PM (IST)
        

जिसकी खातिर उसने सपने देखे, कमरे को घर बनाया, उसी ने ऐसा धोखा दिया कि सीने में ज्वालामुखी लिए वह बरसों तक उसकी तलाश में भटकता रहा। उस बेवफा को मार देना चाहता था वह। मगर एक दिन वह सामने आई तो चाह कर भी उसे न मार सका...। नया घर बहुत पसंद आया सोहन को।... और पढ़ें »

सबसे भले विमूढ़...

khatti meethi

Updated on: Fri, 27 Mar 2015 03:44 PM (IST)
        

यह अलग बात है कि अपने को मूर्ख कहा जाना कोई पसंद नहीं करता, लेकिन इस दुनिया में जो कुछ भी थोडी-बहुत खुशी है वह मूर्खों के ही कारण है। क्या कभी आपने सुना है कि कोई किसी की बुद्धिमानी पर हंस रहा हो? मूर्खता के अलावा शायद ही कोई दूसरा तत्व होगा जिस पर... और पढ़ें »

कवितायें

Poem

Updated on: Fri, 27 Mar 2015 03:35 PM (IST)
        

बह रही यह नदी बह रही, बहती रहेगी यह नदी देखती तट की सभी नेकी बदी। जब कभी गिरते कगूरे पास के तरु-विटप या क्षेत्रफल ले घास के हो रही आवाज 'छप' से या नहीं बढ गए कंपन निजी एहसास के, इस करुण अनुभूति के आंसू पिए, बह रही है दर्द लेकर सरहदी। पांव छूकर अर्च... और पढ़ें »

बड़ी मम्मी

story- Badi Mummy

Updated on: Fri, 27 Mar 2015 02:19 PM (IST)
        

जीवन के अनुभव यही सिखाते हैं कि हर हाल में जीना और इंसानियत का साथ देना ही जिंदगी है। कई बार जिंदगी किसी को भूल-सुधार का मौका नहीं देती, मगर कहते हैं न कि माफ करने वाला हमेशा महान होता है। एक मार्मिक कहानी। करीब पंद्रह दिनों की घोर मानसिक और शारीरि... और पढ़ें »

जीवन अभी ठहरा नहीं

Story-Jeevan abhi thera nahi

Updated on: Fri, 27 Mar 2015 01:57 PM (IST)
        

स्त्री को जीवन के हर पडाव पर खुद को सही साबित करना पडता है। हमेशा दूसरों के मूल्यों और अपेक्षाओं पर खरा उतरने की कोशिश उसे पीछे धकेलती है। दूसरों की बंद सोच से बाहर निकल कर जब वह सोचना शुरू करती है, तभी उसकी ज्िांदगी को मिलती है एक नई दिशा। एक प्रेरण... और पढ़ें »

बेरोज़गारी दूर करने के अचूक सुझाव

Tips to overcome unemployment

Updated on: Thu, 26 Feb 2015 01:14 PM (IST)
        

यह सही है कि बेरोजगारी देश में बहुत बढ गई है, लेकिन सच्चाई यह भी है कि रोजगार की कोई कमी भी नहीं है। आपकी चाहे जो योग्यता हो, रोजगार करने और उसमें सफल होने के लिए केवल दो चीजें चाहिए - लीक से हटकर थोडा अलग नजरिया और हौसला। आइए चलते हैं विकल्पों के ए... और पढ़ें »

जिंदगी है यहां

story- zindaagi hai yaha

Updated on: Thu, 26 Feb 2015 12:56 AM (IST)
        

बरसों से विदेश की धरती पर रहने वाला बलजीत का परिवार भारतीय मूल्यों और संस्कारों से दूर हो गया था। मगर जब उसके माता-पिता बेटे-बहू और बच्चों से मिलने पहुंचे तो उन्होंने अपने प्यार से चंद ही दिनों में सब कुछ बदल दिया। यहां तक कि दादा-दादी से चिढऩे वाली... और पढ़ें »

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