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November 24,2014

साहित्य

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Khatti meethi

झुमका गिरा रे!

Updated on: Mon, 03 Nov 2014 03:31 PM (IST)

हमें बचपन से पढाया गया - हमारा देश कृषिप्रधान देश है। इस देश का किसान खेतों में सोना उपजाता है। और कई बार वरदानों का अभाव किसानों की मेहनत पर पानी फेर देता है। मुझे पिछले दिनों हुई बारिश का समाचार याद हो आया - वरदान की कमी से... और पढ़ें »

सामने वाली

samne wali

Updated on: Mon, 03 Nov 2014 11:29 AM (IST)
        

लगातार बजती डोर बेल की आवाज सुनकर मैं झल्ला कर बुदबुदाई, उफ! ये काम वाली भी न..! सौ बार कहा कि संडे को आठ बजे से पहले मत आया करो, मगर नहीं। गुस्से में दरवाजा खोला तो सामने वाली की बेटी छवि रोते हुए खडी थी, आंटी.. मम्मी.. हॉस्पिटल.. उसकी घबराई हालत... और पढ़ें »

झाड़ू चिंतन

khatti meethi

Updated on: Mon, 01 Sep 2014 04:28 PM (IST)
        

दूसरे की क्या कहूं, अपनी कहूंगा और खुश रहूंगा। दूसरे के बारे में कहने के लिए जिगरा चाहिए। छुट्टी का दिन था। हम पैदल चलते हुए ज्यादा दूर निकल गए। बाजार  की ओर। वहां उन्होंने जिद  पकड ली। कहने लगीं, हमारी कॉलोनी का दुकानदार लुटेरा है। दोगुने दाम पर साम... और पढ़ें »

मां

Maa

Updated on: Mon, 01 Sep 2014 04:27 PM (IST)
        

आज पौत्र ने खेलते-खेलते मेरे कुर्ते की जेब में हाथ डाल दिया। जेब तो खाली  थी। उसने अपना छोटा सा हाथ जेब में इधर-उधर घुमाया, फिर कुछ रुक कर मेरे चेहरे की ओर ऐसे निहारने लगा जैसे कुछ सोच रहा हो। उसकी छोटी-छोटी आंखों की गहराई में कोई भोला सा प्रश्न उभर ... और पढ़ें »

स्वावलंबन

story

Updated on: Mon, 01 Sep 2014 04:27 PM (IST)
        

मेमसाब मुझे तीन हजार रुपये एडवांस चाहिए। तीन सौ रुपये महीना कटाएगी। मेरी सासू मां गांव से आई है, बीमार है। उसके इलाज के वास्ते चाहिए.., जानकी अपने चेहरे पर आए पसीने को आंचल से साफ करती बोली। सात साल से वह वैदेही के घर का काम कर रही थी। हमेशा उसके ऊपर... और पढ़ें »

जीवन में फेसबुकिया लफड़े

khatti meethi

Updated on: Sat, 02 Aug 2014 11:36 AM (IST)
        

कई बार दिल में तमन्ना होती है जुकरबर्ग से मिलने की, पर जानता हूं अपन जैसे प्राणी से इंडियन आइटी एक्सपर्ट ही मिल ले तो बडी बात है। उसे भला कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल के अलावा किसी और से क्या मतलब! हम भारतीय कुछ मामलों में बडे सेंटिमेंटल और क्रिएटिव है... और पढ़ें »

रेशम की डोर

Resham koi dor

Updated on: Sat, 02 Aug 2014 11:35 AM (IST)
        

सुमेधा अपने पति गौतम के बार-बार मना करने के बावजूद मयंक भैया के घर जाने का विचार नहीं छोड पा रही थी। एक ही शहर में रहते हुए राखी के दिन भी वे एक-दूसरे से न मिल पाएं, यह कैसे संभव था? यही तो एक त्योहार है, जिसमें भाई-बहन के बीच प्यार की डोर और भी मजबू... और पढ़ें »

फैलते दायरे

Story

Updated on: Sat, 02 Aug 2014 11:35 AM (IST)
        

आज सुबह से ही बडी भागमभाग थी। एक तो रक्षाबंधन का त्योहार, ऊपर से आज ही चित्रा दी की लंदन की फ्लाइट भी थी। दी जल्दी-जल्दी पैकिंग कर रही थीं। अचानक उन्हें याद आया कि कुछ दवाएं नहीं आ पाई हैं, जो साथ ले जानी थीं। मुझे बता कर दी ने जल्दी से ड्राइवर को आव... और पढ़ें »

सेतु

Story- Setu

Updated on: Sat, 02 Aug 2014 11:35 AM (IST)
        

छह महीने में यह दूसरा हादसा था। यूं तो सुरेंद्र कौर, जो मोहल्ले भर में बीजी के नाम से जानी जाती थीं, भली-चंगी थीं। कोई छह माह पूर्व उन्हें हलका सा हार्ट अटैक आया था, मगर जल्दी ठीक हो गई। डॉक्टर ने हिदायतें देते हुए कहा था कि चिंता की कोई बात नहीं है।... और पढ़ें »

गुडि़या

Gudia

Updated on: Tue, 01 Jul 2014 07:14 PM (IST)
        

मिस्टर और मिसेज सुशील चंद्र.. सुशील ने दार्जिलिंग पहुंच कर होटल के रजिस्टर में यही नाम लिखे। मैनेजर ने मुस्कराकर उन्हें देखा और चाबी देते हुए कहा, हनीमून? जी, सुशील ने बनारसी साडी में लिपटी बीवी को प्यार से देखते हुए कहा, हमारी शादी कल ही हुई है। ... और पढ़ें »

दस्तूर

Story- Dastoor

Updated on: Tue, 01 Jul 2014 07:14 PM (IST)
        

कहिए- रजिस्टर में आंकडे दर्ज करती स्त्री ने बिना उसकी ओर देखे हुए कहा। लॉकर ऑपरेट करना है। प्रयोजन बताने के साथ ही सबा उस स्त्री को गौर से देखने लगी। शक्ल जानी-पहचानी सी लगी। वह सोचने लगी, यदि इसकी त्वचा का रंग कुछ सांवला हो जाए, देह का भराव कम... और पढ़ें »

कोपभवन का वास्तु

Khatti meethi

Updated on: Fri, 06 Jun 2014 02:12 PM (IST)
        

कुछ निष्कर्षवादी विद्वानों ने न जाने किस आधार पर धारणा बना दी कि भगवान राम के वनवास और उसके बाद के घटनाक्रम के लिए महाराज दशरथ के राजमहल का वास्तु जिम्मेदार था। उनकी मानें तो महल में न तो कोपभवन होता और न ही भगवान राम को वनवास होता। नतीजा यह हुआ कि ... और पढ़ें »

सुगंध अब फैलेगी

Story

Updated on: Fri, 06 Jun 2014 02:11 PM (IST)
        

घर के हर सामान को इधर-उधर करना, इंटीरियर को नित नया रूप प्रदान करना उसका प्रिय शौक था। कुछ-कुछ दिनों पर ऐसा करने से घर को नयापन मिलता था। सीमित और पुराने साधनों से ही कुछ नया करने का प्रयास करती रहती थी, लेकिन कमरे को नया रूप देने के लिए आज उसके घर म... और पढ़ें »

किस्मत के मारे कलाकार

khatti meethi

Updated on: Sat, 10 May 2014 11:20 AM (IST)
        

बंदे ने भविष्य में क्या-क्या तीर मारने हैं, यह 99.99 प्रतिशत इस पर निर्भर करता है कि उसने कब और कहां जन्म लिया। आप जीवन एक्सप्रेस में कब और किस स्टेशन से चढ रहे हैं, इसी से निर्धारित होता है कि आपको सीट कौन-सी मिलेगी। खिडकी वाली, बीच वाली, या पहले से... और पढ़ें »

सिर्फ

Story- Sirf

Updated on: Sat, 10 May 2014 11:19 AM (IST)
        

कोई पुरुष कभी समझ पाएगा कि विदाई की बेला में वधू के मन पर क्या गुजर रही होती है! अपना सुरक्षित माहौल और खून के रिश्ते पीछे छोड अनजाने, अपरिचित लोगों के बीच जाकर रहना.. दो-एक दिन के लिए नहीं, सदैव के लिए। परायेपन के भय के बीच हलकी सी जो आस की किरण हो... और पढ़ें »

लूजर

Story- Looser

Updated on: Sat, 10 May 2014 11:19 AM (IST)
        

बात छोटी सी थी, पर बित्ते भर की बेटी ने पिता हितेष को हिलाकर रख दिया था। शीतल सोलह की ही थी, मगर अपने लिए नई स्कूटी लेने की जिद पकड गई। हितेष ने समझाया भी कि सही वक्त आने पर स्कूटी दिला देगा। लेकिन वह अडी रही। हितेष ने सोचा, पत्नी निशा की वजह से ... और पढ़ें »

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