कवर स्टोरी

सपनों का साझा सफर

Updated on: Tue, 04 Apr 2017 01:24 PM (IST)

सपने सच भी होते हैं। यही विश्वास हमें मंजि़ल की ओर चलने को प्रेरित करता है लेकिन अपने किसी भी सपने में हम अकेले नहीं होते...और पढ़ें »

हर स्थिति में खुशी का कोई बहाना ढूंढें

Updated on: Wed, 11 Jan 2017 04:32 PM (IST)
        

खुशी और कुछ नहीं, चीजों को देखने का नजरिया है। यह अपने भीतर है, जिसे हम जब चाहें, पा सकते हैं, यहां तक कि दूसरों पर लुटा भी सकते हैं। और पढ़ें »

संपूर्णता ही मेरी पहचान है- इरा दुबे

Updated on: Wed, 11 Jan 2017 04:17 PM (IST)
        

मशहूर थिएटर आर्टिस्ट लिलिट दुबे की बेटी इरा अब किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। उन्हें 'डियर जि़ंदगी, 'आएशा, 'ऐसा यह जहां, 'मैरीगोल्ड और 'दिल्ली वाली ज़ालिम गर्लफ्रेंड जैसी फिल्मों में देखा गया था। ... और पढ़ें »

सोशल मीडिया ने बदली तस्‍वीर

Updated on: Sun, 04 Dec 2016 03:57 PM (IST)
        

सोशल मीडिया के मायने बाकी समाज के लिए चाहे जो भी हों पर स्त्रियों के लिए ये एकदम अलग हैं। सोशल मीडिया ने स्त्रियों की स्थिति में कितना बदलाव किया, जानने की कोशिश कर रही हैं संगीता सिंह। ... और पढ़ें »

सकारात्‍मक सोच देती है खुशी

Updated on: Wed, 30 Nov 2016 05:29 PM (IST)
        

कई टेलीविज़न विज्ञापनों, धारावाहिकों, फिल्मों और रैंप शोज़ में अपना जलवा बिखेर चुकीं ऐक्ट्रेस यामी गौतम आने वाले समय में ऋतिक रोशन के साथ फिल्म काबिल में नज़र आएंगी। उसके अलावा 'सरकार' और 'आगरा का डाबरा' जैसी फिल्मों में भी उनके अहम किरदार हैं। ... और पढ़ें »

बाक़ी रहे थोड़ा बचपना

Updated on: Mon, 07 Nov 2016 01:25 PM (IST)
        

छोटी-छोटी बातों पर लडऩा-झगडऩा, रूठना और पल भर में मान जाना। अब कहां गई वो मासूमियत। जि़ंदगी की मुश्किलें व्यक्ति को चालाक बना देती हैं।और पढ़ें »

किसी रेस का हिस्सा नहीं

Updated on: Mon, 07 Nov 2016 11:17 AM (IST)
        

ऐक्टर अनिल कपूर की बेटी सोनम कपूर ने खुद को एक बेहतरीन अदाकारा के तौर पर स्थापित किया है। स्वभाव से चुलबुली और चंचल सोनम ने बायोपिक 'नीरजा में बहादुर एयर होस्टेस नीरजा का किरदार बखूबी निभाकर खूब तारीफें बटोरीं।... और पढ़ें »

जो सिखाए वही शिक्षक

Updated on: Sat, 03 Sep 2016 11:43 AM (IST)
        

क्या सिर्फ किताबी ज्ञान देने वाला व्यक्ति ही शिक्षक होता है?वाकई गुरु-शिष्य के रिश्ते में बदलाव आ रहा है? कुछ ऐसे ही सवालों के जवाब ढूंढ रही हैं विनीता। और पढ़ें »

आजादी क्यों और किससे ?

Updated on: Wed, 03 Aug 2016 02:19 PM (IST)
        

अपनी आंखें खुली रखते हुए संकीर्ण विचारों की सलाखों से बाहर झांकना ही स्वतंत्रता है। आज के संदर्भं में आजादी को नए नजरिये से समझने की एक कोशिश इंदिरा राठौर के साथ। और पढ़ें »

सच के आईने में सपने

Updated on: Sat, 25 Jun 2016 12:40 PM (IST)
        

क्या आज का युवा सपनों की दुनिया में जीता है,जि़ंदगी की ज़मीनी हकीकत से दूर होता जा रहा है,क्या नई चुनौतियां उसे पसोपेश में डाल रही हैं?ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब ढूंढ रही हैं विनीताऔर पढ़ें »

बेहद खूबसूरत है ये मुकाम

Updated on: Thu, 26 May 2016 12:50 PM (IST)
        

बढ़ती उम्र के साथ खुशियों का क्या रिश्ता है, क्यों बदल रही है हमारी सोच, क्या प्रौढ़ावस्था में लोग वाकई ज़्यादा खुश रहते हैं? कुछ विशेषज्ञों के साथ जिंदगी से जुड़े ऐसे ही सवालों के जवाब ढूंढ रही हैं विनीता। ... और पढ़ें »

सृजन का सुख

Updated on: Tue, 29 Mar 2016 03:21 PM (IST)
        

सृजन यानी कोशिश कुछ ऐसा रचने की, जो सबसे सुंदर और शाश्वत हो। तभी तो किसी भी रचना में कलाकार की अंतरात्मा झलकती है। क्या क्रिएटिविटी हमें मुश्किलों से लडऩे की ताकत देती है? क्या रचनात्मक लोग Óय़ादा संवेदनशील होते हैं? सृजनशील सोच से जुड़े कुछ ऐसे ही स... और पढ़ें »

कवर स्टोरी: सपनों की ऊंची उड़ान

Updated on: Fri, 26 Feb 2016 01:27 PM (IST)
        

ये हवा का रुख बदलने की ताकत रखती हैं, जमीं से आसमां तक उडऩे की ख्वाहिश रखती हैं। आंधियां कितनी भी चलें, इनके हौसलों की परवाज कभी कम नहीं होती। ये तूफान में दीया जलाने की कूवत रखती हैं तो मुश्किलों के कांटे हटा कर राहों में फूल भी खिला... और पढ़ें »

खोने का नाम है प्यार

Updated on: Fri, 22 Jan 2016 04:38 PM (IST)
        

अबके हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें, जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें...। दबे पांव आती ख़्ाामोश सी कोई याद है, जो आंखों को पुरनम कर देती है। शायद यही प्यार है। कहते हैं, इश्क में पाना क्या और खोना क्या! यहां खोकर भी कोई पा... और पढ़ें »

पल जो ये जाने वाला है....

Updated on: Tue, 01 Dec 2015 03:08 PM (IST)
        

तारीख़्ों बदलती हैं, कैलेंडर बदल जाते हैं। दिन, महीने, साल सब इतिहास बन जाते हैं। वक्त हमेशा आगे बढ़ता है, सिखाता है कि आगे बढ़ो और हर पल को ज़्िांदादिली से जिओ। इस साल का आख़्िारी सूरज अब अस्त होने को है, मगर क्षितिज पर एक नई सुबह का आग़्ााज़्ा... और पढ़ें »

हर कदम नई चुनौतियां

Updated on: Tue, 20 Oct 2015 04:10 PM (IST)
        

किसी भी समाज के विकास का रास्ता परिवर्तन के विभिन्न पड़ावों से होकर गुज़रता है, पर हर नया बदलाव अपने साथ लेकर आता है ढेर सारी चुनौतियां। ऐसे हालात के लिए ख़्ाुद को तैयार कैसे किया जाए, इन नई चुनौतियों का सामना किस तरह किया जाए और भविष्य में कैसी... और पढ़ें »

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