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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 14, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हैरत की बात है कि केंद्र सरकार में शिक्षा मंत्रालय ही नहीं : मनीष सिसोदिया

By Bhupendra SinghEdited By:
Published: Thu, 14 Jul 2016 05:04 AM (IST)Updated: Thu, 14 Jul 2016 05:10 AM (IST)

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि हैरत की बात तो यह है कि केन्द्र सरकार के पास आज ...और पढ़ें

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जयपुर, जागरण संवाद केंद्र। आम आदमी पार्टी राजस्थान विधानसभा के करीब दो वर्ष बाद होने वाले चुनाव को लेकर अभी से तैयारी में जुट गई। चुनावी तैयारियों के लिहाज से दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया दो दिवसीय दौरे पर जोधपुर पहुंचे। मंगलवार को तो वे दो कॉलेजों के कार्यक्रमों में शामिल हुए और बुधवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की।

कार्यकर्ताओं की बैठक और फिर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राजस्थान में यदि आप चुनाव लड़ेगी तो भ्रष्टाचार बड़ा मुद्दा होगा। युवाओं से संवाद में सिसोदिया ने कहा कि बच्चों को जो शिक्षा दी जा रही है, वो सही नहीं है। भारत सरकार को शिक्षा नीति में बदलाव करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि हैरत की बात तो यह है कि केन्द्र सरकार के पास आज भी शिक्षा मंत्रालय नहीं है। शिक्षा के नाम पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय है। शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय नहीं, बल्कि शिक्षा मंत्रालय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टïाचार खत्म होने की जिम्मेदारी भी सरकार की है। मेरा सपना है कि जब भी कोई युवा नौकरी के लिए किसी विभाग के पास जाए या फिर युवा अपना कारोबार शुरू करने के लिए जाए तो उसे नौकरी या लोन लेने के लिए रिश्वत नहीं देनी पड़े, ऐसी सरकार होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण उस समय पूरा होगा, जब हम शिक्षा और भ्रष्टाचार पूर्ण रूप से खत्म कर दें। छात्राओं ने भी दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से प्रश्न पूछे।

छात्राओं ने सिसोदिया से सीधा सवाल किया कि क्या निर्भया कांड के माइनर दोषी को भी कड़ी सजा नहीं होनी चाहिए थी? इस पर सिसोदिया ने कहा होनी तो चाहिए थी, लेकिन कानून से ऊपर कोई नहीं है। देश की शिक्षा नीति के साथ ही कानून में भी बदलाव की आवश्यकता है। इसी तरह कुछ और छात्राओं ने भी प्रश्न पूछे, जिनके सिसोदिया ने भी बेबाक तरीके से जवाब दिए। दो दिन की यात्रा के दौरान काफी तादाद में युवा सिसोदिया से मिलने और सुनने पहुंचे।