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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सिद्धू ने कहा- बादल सरकार ने फंड के इस्तेमाल में की गड़बड़ी

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Mon, 22 May 2017 09:38 AM (GMT+05:30)Updated: Mon, 22 May 2017 09:39 AM (GMT+05:30)

पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब की पिछली बादल सरकार पर निशाना साधा। कहा कि बादल सरकार में फंड के इस्तेमाल में गड़बड़ी हुई।

सिद्धू ने कहा- बादल सरकार ने फंड के इस्तेमाल में की गड़बड़ी
सिद्धू ने कहा- बादल सरकार ने फंड के इस्तेमाल में की गड़बड़ी

जेएनएन, लुधियाना। स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि पिछली सरकार ने फंड्स के इस्तेमाल में गड़बड़ी की है। इसमें राज्य व केंद्र के फंड शामिल हैं। केंद्र सरकार को यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट न देने से केंद्र सरकार की ग्रांट रुक गई और फंड्स का सही इस्तेमाल न करने के कारण केंद्र ने पंजाब को रेड जोन में डाल दिया है। सिद्धू सीएमसी अस्पताल में घायल फायरमैन का हाल जानने के लिए आए थे।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 से 2013 के लिए आपदा प्रबंधन के तहत 4.60 करोड़ जारी हुए थे। इसमें 60 लाख की राशि राज्य सरकार ने खर्च की। बाकी के चार करोड़ लैप्स हो गए। सिद्धू ने बताया कि 13वें फाइनेंस कमीशन ग्रांट द्वारा 217 करोड़ रुपये की ग्रांट पंजाब को जारी की गई थी। इसमें से 90.91 करोड़ रुपये फायर ब्रिगेड पर खर्च करने थे। यह ऐसी ग्रांट थी, जिसमें राज्य सरकार को मैचिंग शेयर नहीं देने थे।

सिद्धू ने कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार ने 45 करोड़ रुपये जारी किए, जिसमें से 17.03 करोड़ रुपये खर्च कर सिर्फ छोटी गाडिय़ां खरीदी गईं। बीते मार्च में 27.7 करोड़ रुपये लैप्स हो गए। साथ ही, वे 45 करोड़ भी लैप्स हो गए, जो केंद्र सरकार को जारी करने थे। पंजाब को जरूरत बड़ी गाडिय़ों व ऊंची बिल्डिंग के लिए सीढिय़ों की है। फायर मैन के पास फायर फाइटिंग सूट नहीं हैं, जिसके कारण ये फायरमैन आग से झुलस गए।

सूबे के फायर ब्रिगेड को चला रहा एक क्लर्क

उन्होंने कहा कि फायर विभाग की यह स्थिति है कि पूरे पंजाब के फायर ब्रिगेड को एक क्लर्क चला रहा है। उनकी सरकार ने फायर ब्रिगेड के लिए डायरेक्टोरेट बनाएगी। इसके तहत पूरे सूबे की फायर ब्रिगेड काम करेगी। फायर प्रिवेंशन एक्ट को केंद्र सरकार ने लागू कर दिया है। इससे महाराष्ट्र ने एक्ट के जरिये फायर सेस के रूप में 4006 करोड़ रुपये जुटा लिये गए हैं। अब फायर डायरेक्टोरेट को भी सेल्फ डिपेंडेंट बनाया जाएगा।

पैसे खुद उड़ाए, जवाब देने को प्यादे आगे कर दिए

सिद्धू ने कहा कि पिछली सरकार द्वारा जो गलत काम किए गए हैं, उन्हें जनता के सामने लाया जाएगा। केवल गलतियां बताएंगे नहीं, हम उसका समाधान भी करेंगे। सिद्धू ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर हमला करते हुए कहा कि अंतिम छह महीनों में रुपये खूब उड़ाए गए, लेकिन इस पर सवाल खड़े किए गए तो जवाब देने को प्यादे आगे किए जा रहे हैं। सूबे में 183 निगम व नगर कौंसिलें कर्ज में डूबी हुई हैं। पिछली सरकार द्वारा किए गए कारनामों का खुलासा करने के लिए सोशल व टेक्निकल ऑडिट करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों से इसकी जवाब-तलबी की जाएगी कि ऐसा क्यों हुआ।

पूर्व सीएम बादल को दी चुनौती

सिद्धू ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को चुनौती देते हुए कहा कि वह उनके गांव बादल आकर पिछली सरकार द्वारा की गई गलतियों पर बात करने के तैयार हैं। सिद्धू ने इससे पहले सीएमसी में फायरमैन्स से मिले और उन्हें सरकार की ओर से हर संभव सहायता देने का वादा भी किया। इस दौरान उनके साथ सांसद रवनीत सिंह बिïट्टू, विधायक संजय तलवाड़, भारत भूषण आशू, जिला कांग्र्रेस के प्रधान व पार्षद गुरप्रीत गोगी, पार्षद राकेश पराशर व अन्य मौजूद थे।

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