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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लुधियाना सिटी सेंटर घोटाले में विजीलेंस ब्यूरो ने दी कैप्टन को क्लीन चिट

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Sat, 19 Aug 2017 03:56 PM (IST)Updated: Sat, 19 Aug 2017 03:58 PM (IST)

विजीलेंस ब्यूरो ने लुधियाना सिटी सेंटर घोटाले में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को क्लीन चिट दे दी है। मामले में अगली सुनवाई दो सितंबर को होगी।

लुधियाना सिटी सेंटर घोटाले में विजीलेंस ब्यूरो ने दी कैप्टन को क्लीन चिट
लुधियाना सिटी सेंटर घोटाले में विजीलेंस ब्यूरो ने दी कैप्टन को क्लीन चिट

जेएनएन, लुधियाना। बहुचर्चित लुधियाना सिटी सेंटर घोटाले में विजीलेंस ब्यूरो ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को क्लीन चिट दे दी है। विजीलें ने इस मामले में शनिवार दोपहर ज़िला सेशन जज गुरबीर सिंह की अदालत में एफआइआर रद करने के लिए आवेदन दिया है। मामले की अगली सुनवाई दो सितंबर को होगी।

अगर अदालत विजीलेंस ब्यूरो द्वारा दिए गए आवेदन को मंजूर कर देती है तो यह मामला रद हो जाएगा और बाकी कथित आरोपियों को भी राहत मिलेगी। बता दें, कैप्टन अमरिंदर सिंह के पूर्व शासनकाल के दौरान लुधियाना सिटी सेंटर में करोड़ों के घोटाले के बात सामने आई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मामले की जांच राज्य सतर्कता ब्यूरो को सौंप दी थी, पर सतर्कता ब्यूरो की रिपोर्ट जनवरी 2007 में आई जब राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू हो चुकी थी।

अमरिंदर सिंह ने इस रिपोर्ट को यह कहते हुए सार्वजनिक नहीं किया कि राज्य में आने वाली सरकार इस रिपोर्ट पर कोई फैसला लेगी। फरवरी में हुए चुनावों में कैप्टन हार गए और प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व में अकाली-भाजपा की सरकार बनी। इसे बाद विजीलेंस ब्यूरो ने कैप्टन अमरिंदर व 18 अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर दिया। 

उधर, अमरिंदर सिंह सिंह लगातार खुद पर लगे आरोपों का खंडन करते रहे हैं। उन्होंने मामले को राजनीति से प्रेरित बताया। दस साल पुराने इस मामले में अब विजीलेंस ने कैप्टन को क्लीन चिट दी है।

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