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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खन्ना ड्रग्स केस में पंजाब के आइजी परमराज सिंह उमरानंगल सहित पांच पुलिस अधिकारी सस्पेंड

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Thu, 25 Mar 2021 02:16 PM (IST)Updated: Thu, 25 Mar 2021 04:30 PM (IST)

खन्ना में पिछले साल ड्रग्स की फैक्ट्री पकड़े जाने के मामले में आइजी परमराज उमरानंगल व चार अन्य पुलिस अधिकारियों ...और पढ़ें

उमरानंगल सहित पांच पुलिस अफसर सस्पेंड। सांकेतिक फोटो
उमरानंगल सहित पांच पुलिस अफसर सस्पेंड। सांकेतिक फोटो

जेएनएन, खन्ना/चंडीगढ़/मोहाली। लुधियाना के खन्ना में पिछले साल ड्रग्स की फैक्ट्री पकड़े जाने के मामले में आइजी परमराज सिंह उमरानंगल व चार अन्य पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। उमरानंगल पहले से ही बरगाड़ी बेअदबी केस से जुड़े बहिबल कलां गोलीकांड में सस्पेंड चल रहे हैं।

उमरानंगल के अलावा जिन चार अन्य अधिकारियों को निलंबित किया गया है, उनमें चौथी आइआरबी पठानकोट में तैनात असिस्टेंट कमांडेट वरिंदर जीत सिंह थिंद, फरीदकोट में तैनात एसपी (डिटेक्टिव) सेवा सिंह मल्ली, एसपी परमिंदर सिंह बाठ व डीएसपी (डिटेक्टिव) करण शेर सिंह शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ मोहाली में एनडीपीएस एक्ट, आम्र्स एक्ट और धोखाधड़ी की धारा में केस दर्ज है।

गृह विभाग ने यह कार्रवाई डीजीपी आफिस की जांच रिपोर्ट के आधार पर की। गृह विभाग ने डीजीपी आफिस को इस संबंधी पत्र भी भेजा है। एडिशनल चीफ सेक्रेटरी होम अनुराग अग्रवाल ने डीजीपी से इनके खिलाफ चार्जशीट जल्द से जल्द भेजने को कहा है। यह भी कहा है कि एसटीएफ को निर्देश दिया जाए कि इस केस की जांच जल्द से जल्द पूरी करके रिपोर्ट सरकार को भेजे।

गौरतलब है कि खन्ना के पायल इलाके से पकड़ा गया पूर्व अकाली सरपंच गुरदीप सिंह राणो इस केस में मुख्य आरोपित है। पुलिस जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि निलंबित किए गए पुलिस अधिकारियों ने राणो की मदद की और उसे वीआइपी सुरक्षा व गाडिय़ां उपलब्ध करवाईं। एसटीएफ ने सात नवंबर 2020 को पांच किलो 390 ग्राम हेरोइन के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया था। उनसे 21 लाख की ड्रग मनी, दो रिवाल्वर व एक राइफल भी बरामद की गई थी। इसके अलावा आठ लग्जरी गाडियां जब्त की गई थीं।

उमरानंगल के निलंबन पर छिड़ी बहस

उल्लेखनीय है कि आइजी परमराज उमरानंगल पहले ही बहिबल गोलीकांड मामले में निलंबित हैं। इसीलिए जब आज उन्हें एक बार फिर से निलंबित किया गया तो इस बात पर काफी बहस छिड़ी रही कि क्या एक निलंबित अफसर को फिर से निलंबित करने की जरूरत है। कई सीनियर अधिकारियों ने कहा कि संगीन अपराधों के मामले में ऐसा किया जाना जरूरी होता है।

एसटीएफ के राडर पर राणो के नजदीकी बड़े पुलिस अधिकारी

खन्ना के पायल इलाके से पकड़े गए नशा तस्करी के आरोपित पूर्व अकाली सरपंच गुरदीप सिंह राणो का पंजाब पुलिस में बड़ा नेटवर्क रहा है। मामले की जांच कर रही एसटीएफ के सामने कई चौकाने वाले तथ्य आए थे।  इसके चलते पंजाब में फील्ड में तैनात एक एसपी रैंक के अधिकारी से पूछताछ भी एसटीएफ ने की। बताते हैं कि यह अधिकारी पहले पुलिस जिला खन्ना में डीएसपी के ओढ़ पर रहा था और राणो से उसके नजदीकी सम्बन्धों की जानकारी एसटीएफ को मिली है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार खन्ना पुलिस के कई मौजूदा और पूर्व पुलिस अधिकारी इन दिनों एसटीएफ के रडार पर हैं। बताते हैं कि गुरदीप राणो के फोन नंबरों की कॉल डिटेल खंगालने के बाद एसटीएफ को जो जानकारी मिली है वह काफी चौकाने वाली है। सूत्र बताते हैं कि राणो के फोन पर कई और पुलिस अधिकारियों की भी लगातार अंतराल के बाद इनकमिंग कॉल का रिकार्ड मिला है। बताया जाता है कि इन अधिकारियों को राणो भी लगातार काल करता रहता था और उनमें बात होती रहती थी।