यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
SYL पर रार: पंजाब ने केंद्र से अर्द्धसैनिक बलों की 20 कंपनियां मांगी
पंजाब एवं हरियाणा के बीच एसवाइएल नहर मामले पर एक बार फिर माहौल गर्मा गया है। इनेलो के नहर की ...और पढ़ें

जेएएन, चंडीगढ़। हरियाणा में मुख्य विपक्षी दल इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) द्वारा 23 फरवरी से पंजाब में सतलुज-यमुना लिंक (एसवाइएल) नहर की खुदाई के एलान के बाद पंजाब सरकार सतर्क हो गई है। राज्य सरकार ने इनेलो कार्यकर्ताओं के पंजाब में घुस कर नहर की खुदाई करने की घोषणा के बाद कानून-व्यवस्था बना रखने के लिए केंद्र सरकार से मदद मांगी है। पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से अर्द्धसैनिक बलों की 20 कंपनियां मांगी है।
पंजाब सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को लिखे पत्र में कहा है कि इनेलो के एलान के बाद पंजाब-हरियाणा सीमा के अंबाला-पटियाला जिलों में पैदा हुए हालात को देखते यह कंपनियां मांगी हैं। सूत्रों के मुताबिक जहां से इनेलो कार्यकर्ता पंजाब में घुस सकते हैं, वहां इनकी तैनाती की जाएगी।
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गौरतलब है कि इनेलो ने 23 फरवरी से पंजाब में एसवाइएल की खुदाई के लिए इस समय हरियाणा भर में जनसंपर्क अभियान छेड़ रखा है। 23 को इनेलो कार्यकर्ता अंबाला की अनाज मंडी में एकत्र होने के बाद पंजाब की ओर कूच करेंगे और पटियाला जिले में एसवाइएल की खुदाई करेंगे। गृह विभाग ने पंजाब भर में जिलों में तैनात अतिरिक्त फोर्स और पीएपी व आइआरबी की बटालियनों को भी मोहाली भेजने को कहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें पटियाला भेजा जा सके।
सूत्रों के मुताबिक पंजाब सरकार ने हरियाणा सरकार को भी पत्र लिखकर दोनों राज्यों की सीमा पर शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद करने को कहा है। दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी हालात पर नजर रखे हुए हैं और विभिन्न स्तर पर बैठक कर हालात बिगडऩे से बचाने के लिए तैयारी कर रहे हैं।
