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    खुशखबरी.... पंजाब पुलिस में होगी 10 हजार कर्मचारियों की भर्ती, महिलाओं के लिए रिजर्व होंगे 33 फीसद पद

    By Kamlesh BhattEdited By:
    Updated: Sat, 20 Mar 2021 06:50 PM (IST)

    पंजाब में अपराधियों पर नकेल कसने के लिए जिलास्तर पर समर्पित तकनीकी यूनिट नारकोटिकस यूनिट सोशल मीडिया यूनिट स्थापित होंगे। राज्य में 3100 डोमेन माहिरों के अलावा सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबल के स्तर पर 10000 पुलिस कर्मचारी भर्ती किए जाएंगे जिनमें से 33 प्रतिशत महिलाएं होंगी।

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    पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की फाइल फोटो।

    जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब के मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने देश की अपनी किस्म के पहले कानून प्रवर्तन तंत्र (law enforcement apparatus) का ऐलान करते हुए कहा कि जिलास्तर पर समर्पित तकनीकी यूनिट, नारकोटिकस यूनिट, सोशल मीडिया यूनिट स्थापित होंगे। इससे राज्य की कानून लागू करने वाली मशीनरी ओर मज़बूत होगी। इसके लिए राज्य में 10 हजार पुलिस कर्मचारियों की भर्ती होगी, जिसमें 33 फीसद पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। 

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    पुलीसिंग और जांच-पड़ताल में नई चुनौतियों से निपटने के लिए सीएम ने इस कदम का ऐलान किया है। कहा कि चार साल के समय के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति को स्थिर बनाने के बाद उनकी सरकार कानून लागू करने वाली शक्ति को और कारगर बना रही है। इससे जहांं साइबर अपराधियों पर नकेल कसी जाएगी वहीं, समाज के कमज़ोर वर्गों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे विशेष तरह के जुर्मों से निपटने के लिए 3100 डोमेन माहिरों के अलावा सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबल के स्तर पर 10000 पुलिस कर्मचारी भर्ती किए जाएंगे, जिनमें से 33 प्रतिशत महिलाएं होंगी जिससे जमीनी स्तर पर फोर्स बढ़ाने के साथ-साथ प्रभावी पुलिसिंग को यकीनी बनाया जा सके।

    कैप्टन अमरिंदर सिंह, जिनके पास गृह मामलों का भी विभाग है, ने बताया कि अपराध के बदल रहे तौर-तरीकों से जुर्मों की रोकथाम और पड़ताल प्रभावी तरीके से डोमेन माहिरों के सहयोग के लिए पंजाब पुलिस द्वारा जल्द ही 3100 विशेष पुलिस अफसरों और डोमेन माहिरों की भर्ती की जाएगी जो लाॅ, फोरेंसिक, डिजिटल फोरेंसिक, सूचना प्रौद्यौगिकी, डाटा माइनिंग, साईबर सुरक्षा, खुफिया अध्ययन, मानव संसाधन प्रबंधन और विकास एवं सड़क सुरक्षा योजना और इंजीनियरिंग से संबंधित है। 

    मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस फोर्स में बदलाव लाने के उद्देश्य से उठाए गए इस कदम से पंजाब डोमेन माहिरों की सेवाएं हासिल करने वाला देश का पहला राज्य होगा। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा राज्य में अमन-कानून की व्यवस्था कायम रखने और आम आदमी की सुरक्षा यकीनी बनाने के लिए किए गए वादों के तर्ज पर कई कदमों को सफलतापूर्वक लागू कर देने के बाद इस कदम से पुलिस विभाग को अगले स्तर तक ले जाया जाएगा।

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    डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि इन डोमेन माहिरों में तकरीबन 600 लाॅ ग्रैजुएट, 450 क्राइम सीन जांचकर्ता, कानून, काॅमर्स, डाटा माइनिंग, डाटा ऐनलसिस में तजुर्बे और विशेष योग्यता वाले 1350 आइटी माहिर शामिल होंगे, जिनको साईबर जासूसी, वित्तीय जासूसी, कत्ल मामलों में जासूसी, यौन हमले और दुष्कर्म के मामलों में जासूसी के लिए लगाया जाएगा। पंजाब सरकार राज्य के सभी जिलों में फैमिली काउंसलिंग सेंटरों और महिला हेल्पडेस्क पर तैनाती के लिए 460 के करीब शिक्षित और योग्यता प्राप्त काउंसलर, क्लिनीकल साइकोलाॅजिस्ट और विकटिम स्पोर्ट अफसरों की भी भर्ती करेगी।

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    पुलिस में महिला शक्ति को और बढ़ाने के लिए 3400 नई महिला पुलिस मुलाजिम भर्ती की जाएंगी। ज्यादातर सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल के रैंक पर भर्ती की जाने वाली ये मुलाजिम पंजाब पुलिस में 10 हजार मुलाजिमों को भर्ती करने के लिए चलाई मुहिम का ही हिस्सा होंगी। गुप्ता ने कहा कि इससे कुल भर्ती में महिलाओं को 33 प्रतिशत हिस्सेदारी देने की पंजाब सरकार की वचनबद्धता भी पूरी होगी और पंजाब पुलिस में अलग-अलग पदों पर महिला मुलाजिमों को पुरुष पुलिस मुलाजिमों के बराबर मुकाबला करने का मौका भी मुहैया करेगी। इन पुलिस मुलाजिमों में 300 महिलाओं को सब इंस्पेक्टर के तौर पर भर्ती किया जाएगा, जबकि 3100 को पंजाब पुलिस में कांस्टेबल के तौर पर सेवा करने का मौका मिलेगा।

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    डीजीपी ने कहा कि एक बार इन महिला पुलिस मुलाजिमों की नियुक्ति होने और साल 2021 की दूसरी या तीसरी तिमाही में इनके पंजाब पुलिस का हिस्सा बनने के बाद राज्य के 382 थानों में से प्रत्येक को पुलिस स्टेशन लाॅ अफसर और कम्युनिटी और विकटिम स्पोर्ट अफसर (पीड़ित सहयोगी अधिकारी) मिल जाएगा। इसी तरह सरहदी थानों समेत पंजाब के 170 बड़े थानों में फोरेंसिक अफसर और क्राइम डाटा एनालिस्टस तैनात होंगे। इसके अलावा राज्य में 100 सब डिवीजनों में से प्रत्येक में साईबर क्राइम डिटेक्टिव भी लगाए जाएंगे।

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    ये पहलकदमियां राज्य सरकार की औरतों की सुरक्षा और उनको मान-सम्मान देने की उस वचनबद्धता का हिस्सा हैं, जिसके अंतर्गत कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने हाल ही में महिलाओं के लिए 181 हेल्पलाइन और रात को महिलाओं को उनके आवास स्थान या काम वाली जगह पर छोड़ने की सुविधा शुरू की थी। राज्य के तीन पुलिस कमिश्नरेट और शहरी जिलों में फैमिली काउंसलिंग सेंटर स्थापित करने और विवाह और पारिवारिक झगड़े के मामलों में जल्द हल निकलना यकीनी बनाने के लिए राज्य के सभी 382 थानों में वूमन हेल्प डेस्क जल्द ही कार्यशील होंगे। इससे मुश्किलों से जूझ रही महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को मदद मिलेगी और घरेलू हिंसा के मामलों का जल्द निपटारा किया जा सकेगा।

    वूमन हेल्प डेस्कों पर तैनात ये महिला पुलिस अफसर संबंधित इलाके में रह रही महिलाओं के लिए एकमात्र संपर्क सूत्र के तौर पर काम करेंगी। इन पुलिस अफसरों के नाम और फोन नंबर पंजाब पुलिस की वेबसाइट पर दर्शाए जाएंगे। पंजाब सरकार फैमिली काउंसलिंग सेंटरों और वूमन हेल्प डेसकों पर तैनाती के लिए 460 शिक्षित और योग्यता प्राप्त काउंसलर, क्लिनीकल साइकोलाॅजिस्ट और कम्युनिटी एंड विकटिम सपोर्ट अफसरों की भी भर्ती करेगी।