यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 18, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पंजाब में मंत्री चन्नी के खिलाफ MeToo का मामला गरमाया, महिला IAS अफसर ने लगाया था आरोप
Women IAS Officer MeToo Case पंजाब में महिला आइएएस अफसर द्वारा राज्य के मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर लगाया गया ...और पढ़ें

जेएनएन, चंडीगढ़। Women IAS Officer MeToo Case: पंजाब में राजनीतिक समीकरण रोजाना बदल रहे हैं। अब कैबिनेट मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के मी-टू (MeToo) मामले में नया मोड़ आ गया है। चन्नी के खिलाफ एक महिला आइएएस अधिकारी ने 2018 में आपत्तिजनक संदेश भेजने की शिकायत के मामले में महिला आयोग की चेयरपर्सन मनीषा गुलाटी ने गत दिवस एलान किया कि अगर इस मामले को लेकर पंजाब सरकार एक सप्ताह में जवाब नहीं दिया तो वह भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगी।
गुलाटी ने कहा कि उन्होंने 2018 में तत्कालीन मुख्य सचिव करण अवतार सिंह को इस मामले में जवाब देने के लिए पत्र लिखा था, परंतु अब तक जवाब नहीं मिला है। 2018 में चरणजीत सिंह चन्नी मी-टू मामले में फंसे थे। एक महिला आइएएस अधिकारी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि कैबिनेट मंत्री ने उन्हें कई बार आपत्तिजनक संदेश भेजे। तब यह मामला खासा तूल पकड़ा था।
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चन्नी के खिलाफ महिलाओं ने धरने भी दिए और प्रदर्शन भी किए। जिसके बाद चन्नी ने महिला अधिकारी से माफी मांग ली थी। उस समय मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंद सिंह ने कहा था कि मंत्री ने माफी मांग ली है अत: यह मामला खत्म हो गया है। यह मामला 2020 में एक बार फिर सामने आया जब कैबिनेट सब कमेटी की एक बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री मनप्रीत बादल और चरणजीत सिंह चन्नी एक्साइज पालिसी को लेकर तत्कालीन चीफ सेक्रेटरी करण अवतार सिंह से भिड़ गए थे। जिसके बाद दोनों ही मंत्रियों ने बैठक छोड़ दी थी।
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इसके बाद कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, चन्नी को मनाने के लिए उनके घर पर गए थे, लेकिन चन्नी ने आरोप लगाया कि बाजवा ने उन्हें धमकी दी कि मुख्यमंत्री उनके खिलाफ मी-टू की फाइल फिर खोल सकते हैं। इसके बाद यह मामला करीब 10 महीनों तक ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। अब एक बार फिर यह मामला तूल पकड़ने लग गया है। मनीषा गुलाटी ने कहा कि 2018 आयोग ने इस मामले का सू-मोटो लिया था। जिसे लेकर तत्कालीन चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखकर जवाब भी मांगा गया। चूंकि तब मुख्यमंत्री ने कहा था कि मामला खत्म हो गया है अत: उन्होंने भी इस मामले को फालो नहीं किया, लेकिन अब उन्हें आइएएस अधिकारियों के फोन आ रहे हैं कि वह मंत्री से मिल गई हैं, इसलिए मी-टू मामले में कोई कार्रवाई नहीं की।
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चेयरपर्सन ने कहा कि एक सप्ताह में अगर पंजाब सरकार ने उनके पत्र का जवाब नहीं दिया तो वह भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात से कोई सरोकार नहीं है कि चन्नी और मुख्यमंत्री के बीच क्या चल रहा है। बता दें, चरणजीत सिंह चन्नी ने पिछले दिनों नवजोत सिंह सिद्धू के साथ बैठक की थी और सिद्धू से मिलने के लिए पटियाला गए थे। जिसके बाद सिद्धू, चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा की पंचकूला में सिद्धू के दोस्त की कोठी में बैठक हुई थी। वहीं, बाद में रंधावा की कोठी पर राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा, सांसद रवनीत बिट्टू, चरणजीत सिंह चन्नी और गुरप्रीत कांगड़ की बैठक हुई। इन बैठकों से मुख्यमंत्री का खेमा खासा चिंतित था।
