यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 16, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अब बदलेगी किसानों की तकदीर, नहीं होगी फसल बर्बाद : हरसिमरत
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर ने कहा कि देश का तेजी से बढ़ता खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र फसल की बर्बादी को रोक सकता है।

चंडीगढ़, [ओजस्कर पाण्डेय]।केंद्र की मोदी सरकार की साल 2022 तक किसानों की आय दुगनी करनी की योजना को धरातल पर साकार करने के लिए खाद्य एवं प्रसंस्करण मंत्रालय जुट गया है। बंपर उत्पादन के बावजूद आलू, टमाटर और अन्य फसलें भविष्य में नष्ट न हो इसलिए मंत्रालय पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश व महाराष्ट्र सरीखे बड़े राज्यों में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों स्थापित करने में जुटा है। इसमें आलू से चिप्स व अन्य उत्पाद और टमाटर से सॉस व चटनी इत्यादि तैयार की जाएगी। जिससे किसानों को रुपये दो रुपये में बिकने वाले आलू के अच्छे दाम मिलेंगे टमाटर की भी बंपर उत्पादन होने पर बेकदरी नहीं होगा।
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर ने कहा कि देश का तेजी से बढ़ता खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र फसल की बर्बादी को रोक सकता है और किसानों को अपने उत्पाद की सही कीमत दिलाने में मदद कर सकता है। फसल की बर्बादी चिंता का विषय है। हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि यह क्षेत्र भारत में निवेश करने को इच्छुक देशों को व्यवसाय के जबर्दस्त अवसरों को उपलब्ध कराता है।
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उन्होंने कहा कि मंत्रालय का ध्येय है कि फसल को बर्बाद होने से बचाया जाए, फसल का अधिक उत्पादन होने की स्थिति में अगर किसानों को अच्छी कीमत नहीं मिलती तो निराशा होती है और फसल बेकार होती है, ऐसे में अधिक उत्पादन होने की स्थिति में वे इसका प्रसंस्करण कर सकते हैं और इसे रख सकते हैं अथवा अपने खुद का कोई उत्पाद सामने ला सकते हैं, उदाहरण के लिए वे टमाटर का प्रसंस्करण करने के बाद इसकी पैकिंग कर बाद में इसे बेच सकते हैं।
सरकार की नजर खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में 2022 में 10 अरब डॉलर के निवेश पर टिकी हुई है। ऐसे में सभी बुनियादी ढांचा तैयार हो जाने और खेत से रसोई तक निर्बाध मूल्य श्रृंखला बन जाने के बाद अब हमें बड़ा निवेश मिलेगा। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए सरकार ने अगले पांच साल में इस क्षेत्र में 10 अरब डॉलर निवेश का लक्ष्य निर्धारित किया है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में बदलाव लाने की दिशा में काम कर रहे हैं जिससे न केवल रोजगार सृजन होगा और किसानों को उत्तम लाभ मिलेगा बल्कि इससे हमें विदेशी मुद्रा भी मिलेगी। किसानों को आलू से चिप्स व टमाटर से सॉस बनाने में काफी लाभ मिलेगा इससे अन्य लोगों को भी रोजगार मिलने वाला है।
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सरकार ने कृषि प्रसंस्करण के वास्ते छह हजार करोड़ रुपए की किसान संपदा योजना आरंभ की है जो वर्तमान एवं नई योजनाओं का एकीकरण करेगी। जिससे लाख किसानों को लाभ मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने कहा कि प्याज का प्रसंस्करण किया जा सकता है और इसे बाद में बेचा जा सकता है। ऐसा करना उपभोक्ताओं के लिए भी बेहतर होगा क्योंकि फसली उत्पादों के प्रसंस्करण से मूल्य वृद्धि पर अंकुश लग सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि देशभर में मंत्रालय ने खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों स्थापित करने में जुटा है, जिसमें से 33 को अंतिम अनुमोदन दिया जा चुका है, वहीं 9 इंकाइयों का कार्य शुरु किया जा चुका है।
