यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 12, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नीतीश के रणनीतिकार प्रशांत किशोर का सहारा लेंगे अमरिंदर
नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाने और नीतीश कुमार की बिहार में सत्ता बरकरार रखने में अहम भूमिका ...और पढ़ें

चंडीगढ़ [हरिश्चंद्र]। नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाने और नीतीश कुमार की बिहार में सत्ता बरकरार रखने में अहम भूमिका निभा चुके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की सेवाएं अब कांग्रेस लेने जा रही है। वह पंजाब के विधानसभा चुनाव में कांगेस के रणनीतिकार हो सकते हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह उनसे कई बैठकों कर चुके हैं। लेकिन, पेंच पंजाब और उत्तर प्रदेश को लेकर फंस गया है।
अमरिंदर पंजाब को लेकर कर चुके हैं बैठक, राहुल चाहते हैं उप्र में ली जाएं प्रशांत की सेवाएं
सूत्रों के मुताबिक कैप्टन अमरिंदर सिंह 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए प्रशांत किशाेर की सेवाएं लेना चाहते हैं और वे इसके लिए सक्रिय भी हैं। वह पिछले दिनों प्रशांत किशोर के साथ कई बैठकों कर चुके हैं। बताया जाता है कि प्रशांत भी कुछ शर्तों पर पंजाब में काम करने के लिए इच्छुक हैं।
यह भी पढ़ें : प्रेमिका ने कहा- जहर खा लो, प्रेमी युवक ने दे दी जान
दूसरी ओर, बताया जाता है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी उन्हें उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में परखना चाहते हैं। गौरतलब है कि पंजाब में जहां विधानसभा की महज 117 सीटें हैं, वहीं उत्तर प्रदेश में 403 सीटें हैं। 2017 में पंजाब व उत्तर प्रदेश के साथ ही उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के विधानसभा चुनाव होने हैं।
यह भी पढ़ें : दुल्हन ने फेरे से पहले रख दी अनोखी शर्त, फिर क्या हुआ पढ़ें...
अमरिंदर ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर अपनी नियुक्ति के बाद से प्रशांत किशोर के साथ दो बार दिल्ली में मुलाकात की है। प्रशांत पंजाब में काम करने को तैयार हैं, लेंकिन वह पूरे सूबे और सूबे के राजनीतिक-सामाजिक समीकरणों को समझने के लिए कम से कम एक माह का वक्त चाहते हैं। इसके अलावा वह यह भी चाहते हैं कि पंजाब के उनके गुपचुप दौरे के दौरान वह जो रिपोर्ट दें, उसके आधार पर ही जीत की क्षमता वाले नेता को पार्टी प्रत्याशी बनाया जाए।
यह भी पढ़ें : चंडीगढ़ में बुजुर्ग दंपती को बेरहमी से पीटने वाला युवक गिरफ्तार
दूसरी ओर, राहुल गांधी चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में पार्टी प्रशांत किशोर की सेवाएं लें। वर्षों तक उत्तर प्रदेश में सत्ता में रही कांग्रेस पिछले चुनाव में मात्र 28 सीटें जीत पाई थी। कांग्रेस वहां अपना आधार दोबारा मजबूत करना चाहती है।
अब, अमरिंदर चाहे अपने स्तर पर कोशिशें कर रहे हों, लेकिन प्रशांत किशाेर को लेकर फैसला केंद्रीय हाईकमान ही करेगा। ऐसे में राहुल गांधी का पलड़ा ज्यादा भारी नजर आता है। इस बीच अमरिंदर के करीबी एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि यह भी संभव है कि पंजाब और उत्तर प्रदेश दोनाें ज्रगह ही प्रशांत की सेवाएं ली जाएं। इसके लिए पहले पंजाब में उनका लंबा दौरा रखा जा सकता है, ताकि बाद में यूपी में वह राजनीतिक हालात को नजदीक से देख सकें।
