यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 11, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दुल्हन ने फेरे से पहले रख दी अनोखी शर्त, फिर क्या हुआ पढ़ें...
फेरों का मुहूर्त हो गया था, दूल्हा भी पहुंच गया था। इसी दौरान दुल्हन पूनम ने ऐसी शर्त रख दी ...और पढ़ें

भिवानी [सुरेश मेहरा]। फेरों का मुहूर्त हो गया था, दूल्हा भी गाजे-बाजे के साथ शादी के मंडप में पहुंच गया था। इसी दौरान दुल्हन पूनम ने ऐसी शर्त रख दी कि सभी भौंचक्क रह गए, लेकिन इस शर्त से उसने सबका मन जीत लिया। उसने दूल्हे से कहा कि वह यदि 11 लड़कियों की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाने की शपथ लेगा तो ही वह शादी के फेरे लेगी। दूल्हे ने हाथों हाथ शर्त स्वीकार कर ली और वहीं पहले यह शपथ ली, इसके बाद शादी की रस्में पूरी हुईं।
यह घटना हुई जिले के बिलावल गांव की। गांव के मास्टर रणजीत सिंह की पुत्री पूनम की शादी का समारोह चल रहा था। जैसे ही फेरों की वेदी पर कालियावास निवासी दूल्हा संदीप बूरा पहुंचा दुल्हन ने शर्त रख दी कि उनके दूल्हे राजा अपने जीवन में 11 गरीब कन्याओं की शिक्षा की जिम्मेदारी लें। शर्त कबूल हो तो वह उनसे फेरे लेने के लिए तैयार हैं।
इससे लोग खासकर दूल्हे के परिजन दंग रह गए। लेकिन, दूल्हे ने बात संभाली और बोले यह तो बहुत अच्छी बात है। उनको यह शर्त कबूल है और वह इसे जरूर पूरी करेंगे। दुल्हन ने भी कहा कि वह इस कार्य में हमेशा उनका साथ देंगी। इसके बाद हंसी खुशी विवाह संपन्न हो गया।
पर्यावरण प्रेमी संजय बने प्रेरणा
स्नातकोत्तर तक अध्ययन कर चुकी पूनम बताती हैं कि उनके लिए पर्यावरण प्रेमी संजय रामफल इस मामले में प्रेरणा रहे। वह पर्यावरण संरक्षण, हर घर तुलसी घर घर तुलसी, बेजुबान पशुओं का संरक्षण व सहायता, बेटी बचाओ व बेटी पढ़ाओ के लिए भी नागरिकों को जागरूक करने में लगे रहे हैं। उनको देख कर ही उन्होंने भी सोचा कि वह कुछ अलग करेंगी।
उसने कहा, इसके बाद उसने सोचा कि वह ऐसे पति को चुनेगी जो कम से कम 11 गरीब कन्याओं की शिक्षा का जिम्मा लेंगे। वह गरीब कन्याओं को शिक्षित कर उनको जीवन में कामयाब करने की मुहिम चलाना चाहती हैं। वह खुश हैं पति ने उनकी शर्त मान ली।
विधायक भी बने शादी के गवाह
इस पहल के गवाह चरखी दादरी के विधायक राजदीप सिंह फौगाट भी थे। विधायक ने कहा कि शिक्षा हर किसी का अधिकार है। जरूरतमंदों विशेषकर गरीब कन्याओं तक भी शिक्षा पहुंचे। इसके लिए हम सबको प्रयास करना चाहिए।
दोनों पक्ष ने भी की सराहना
दुल्हन के पिता मा. रणजीत सिंह और दूल्हे के पिता दिलबाग सिंह दाेनो ने कहा कि यह पहल बहुत ही बढ़िया है। उन्हें इसके लिए अपने पुत्री व पुत्र पर गर्व है। युवाओं को इस प्रकार की पहल के लिए आगे आना चाहिए।
