यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 26, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अमृतसर के मेडिकल कॉलेज में रैगिंग, जूनियर छात्रों के कपड़े उतरवाए
अमृतसर के सरकारी मेडिकल काॅलेज में रैगिंग की घटना सामने आई है। कॉलेज के हॉस्टल में कुछ सीनियर छात्राें ने ...और पढ़ें

जेएनएन, अमृतसर। यहां सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर रैगिंग की घटना हुई है। सीनियर छात्रों ने हॉस्टल में घुसकर जूनियर छात्रों की रैगिंग की। उन्होंने उनके कपड़े उतरवा कर कमरे में बुलाया। इससे कॉलेज में हंगामा हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर कॉलेज प्रशासन ने एक सीनियर छात्र को कॉलेज से निलंबित कर दिया है।
एमबीबीएस फाइनल इयर के छात्र भानू वशिष्ठ पर आरोप है कि उसने जूनियर छात्रों की रैगिंग की। भानू ने अपने कुछ साथियों के साथ डी व ई ब्लॉक हॉस्टल में रहने वाले एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों के साथ बदतमीजी की। उसने जूनियर को कपड़े उतारकर उसके कमरे में चलने को कहा। जूनियर छात्रों ने विरोध करते हुए शोर मचा दिया। इसके बाद भानू व उसके साथी वहां से फरार हो गए। मामले की जानकारी तत्काल हॉस्टल सुपरिंटेंडेंट को दी गई। अधिकारी ने इस संबंध में प्रिंसिपल डॉ. बीएस बल को बताया।
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प्रिंसिपल ने जूनियर व सीनियर छात्रों को बुलाकर बयान लिए और भानू वशिष्ठ को कॉलेज से निलंबित कर दिया। डॉ. बल ने बताया कि कुछ सीनियर्स ने जूनियर्स के साथ रैगिंग करने की कोशिश की है। उन्हें डराया भी, लेकिन विरोध करने पर वे अपनी मंशा में सफल नहीं हो सके।
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उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी छात्र ने उन्हें लिखित में शिकायत नहीं दी है। उन्होंने एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्यों को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल भानू वशिष्ठ को निलंबित कर दिया गया है। एहतियात के तौर पर हॉस्टलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यहां उल्लेख करना जरूरी है कि पिछले साल भी रैगिंग की बड़ी घटना हुई थी।
