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    कृष्ण जन्म पर ब्रज में गूंजी किलकारी

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    Updated: Sat, 11 Aug 2012 11:43 AM (IST)

    अद्भूत छवि। विश्व को वशीभूत और दुष्टों को भस्मीभूत करने वाले सोलह कलाधारी गोपाल ने ब्रज में शुक्रवार मध्य रात्रि को जन्म लिया।

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    मथुरा। अद्भूत छवि। विश्व को वशीभूत और दुष्टों को भस्मीभूत करने वाले सोलह कलाधारी गोपाल ने ब्रज में शुक्रवार मध्य रात्रि को जन्म लिया। अभेद्य सुरक्षा के बीच श्री कृष्ण जन्मस्थान के गर्भ गृह में कान्हा की किलकारी गूंजी तो देवकी-वासुदेव की बेडि़यां टूट गई। अंधेरा चला गया और रोशनी फैल गयी। जेल के फाटक खुल गये। पहरेदार सो गये। भक्त भी कलियुगी संगीनों और खाकी फौज से अभय हो हजारों की संख्या में गर्भगृह तक पहुंचे। लाला के मनोहारी रूप-सौंदर्य के भरपूर दर्शन किये।

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    जन्मस्थान पर श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास एवं कार्षि्ण गुरु शरणानंद महाराज ने पंचाभिषेक कराकर जन्म कराया। तत्पश्चात उनकी आरती उतारी गयी व श्रृंगार कराया गया। इस मौके पर हजारों की भीड़ मंदिर परिसर में जमा रही। भजन-कीर्तन होते रहे। कान्हा के जन्म दिन पर पूरा बृज मंडल झूम उठा। आधी रात को घरों से थाली-चम्मच, झांझ-मंजीरों की आवाज आने लगीं।

    भय और आतंक के चलते कलियुगी शासन-प्रशासन ने सुरक्षा के लिये चाक-चौबंद व्यवस्था की, लेकिन लाला के जन्म का साक्षी बनने वाला सैलाब नहीं रुका। रात में भक्तों की संख्या ने जनसमुद्र का रूप ले लिया। जब प्रभु प्रकटे तो लाखों हाथ आसमान की ओर उठ गये और जय-जयकार गूंजने लगे। हजारों लोगों ने प्रभु के चरणों में सिर झुका दिये। सांवली सूरत और मोहिनी मूरत के इस उत्सव का दीदार टीवी, मोबाइल एवं सीसी टीवी कैमरों के माध्यम से देख सारा संसार निहाल हो उठा।

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