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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत में रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू

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Published: Sat, 23 Feb 2013 04:03 AM (IST)Updated: Sat, 23 Feb 2013 04:04 AM (IST)

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भुवनेश्वर, जागरण संवाददाता :

भारत में रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू है। हिंदुत्व धर्म नहींबल्कि जीवनशैली है। हिंदुत्व पर लोगों की अवधारणा को गलत बताते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन राव भागवत ने कहा कि धर्म एवं रिलिजियन को एक मानना सर्वथा अनुचित है। रिलिजियन का मतलब संप्रदाय है जबकि धर्म से इसे जोड़ दिया जाता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को मूल्य आधारित मानववाद विकसित करने वाला संगठन बताते हुए मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस को समझने में लोग अक्सर भूल कर बैठते हैं। चार दिवसीय ओडिशा प्रवास पर आए आरएसएस प्रमुख ने राजधानी में प्रबुद्ध नागरिकों से चर्चा करते हुए कहा कि विश्व के अन्य देशों में भाषा, संप्रदाय के आधार पर एकता है मगर भारत अकेला ऐसा देश है जो विविधता के बावजूद सदियों से एक राष्ट्र है। भारत में रहने वाले हर व्यक्ति के मूल में एकता का भाव है, यही इस देश की विशेषता है।

आतंकवाद के साथ आरएसएस का नाम जोड़ने के प्रसंग पर उन्होंने कहा कि संघ प्रतिक्रिया न देने वाला संगठन है। हमारा काम समाज जागरण का है जो हम लगातार करते आ रहे हैं। भागवत ने कहा कि आरएसएस खुले मैदान जैसा संगठन है। देश का कोई भी नागरिक इसमें शामिल हो सकता है। मूल्य आधारित मानव समाज, देशभक्त नागरिक निर्माण हमारा ध्येय है, जिस पर हम अविरत काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सर्वसामान्य व्यक्ति के मध्य सद्गुण विकसित करना होगा। व्यक्ति के अंदर सद्गुण आने से वह देश हित की बात को सर्वोपरी देखने का अभ्यस्त हो जाएगा एवं इसी नजरिए से देश का विकास होगा।

आरएसएस प्रमुख ने जोर देकर कहा कि, राजनैतिक बयानवाजी से न हम घबराने वाले हैं और न ही इसे तवज्जाो देते हैं। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि जनता नेता चुनती है समाज नेता बनाता है, अत: नेताओं को दोष देने के बजाय स्वस्थ्य समाज निर्माण पर ध्यान देना होगा। देश की अखंडता के लिए लोगों में देश भक्ति भावना एवं चेतना लाना जरूरी है।

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