यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
विश्व की सबसे लंबी रेल सुरंग का हुआ रंगारंग उद्धाटन, 3 देशों के प्रमुखों ने की यात्रा
स्विट्जरलैंड में बुधवार को एक भव्य कार्यक्रम में विश्व की सबसे बड़ी रेल सुंरग का उद्धाटन किया गया जो 57 किमी. लंबी है।

स्विट्जरलैंड (एएफपी)। विश्व की सबसे लंबी रेल सुरंग का मंगलवार को एक रंगारंग कार्यक्रम के दौरान आधिकारिक उद्घाटन हुआ। इस सुरंग को सात दशक पहले डिजाइन किया गया था। 57 किमी लंबी यह गोटहार्ड बेस सुरंग स्विट्जरलैंड स्थिति उरी में मध्य केंटन के इस्टफील्ड से शुरु होकर दक्षिण केंटन के बोडियो तक जाती है।

सात दशक पहले बनी इस सुरंग को पहली बार 1947 में स्विस इंजीनियर कार्ल एडवर्ड ग्रूनर ने डिजाइन किया था। परियोजना की बड़ी लागत, नौकरशाही प्रक्रियाओं में देरी तथा अन्य व्यवधानों के चलते यह परियोजना वर्ष 1999 तक लटकी रही। तब से अभी तक, इन 17 वर्षों के दौरान 12 बिलियन स्विस फ्रेंक ( 12 बिलियन डॉलर) से ज्यादा की लागत से बनकर इस सुरंग का निर्माण पूरा हो सका है।
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इसकी पहली यात्रा के समय इस ट्रेन में जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल, फ्रांस के राष्ट्रपति ओलांद और इटली के प्रधानमंत्री माटेओ रेन्ज़ी भी मौजूद थे जिनके साथ स्विस अधिकारी भी थे। दिसंबर तक जब इस सुरंग को पूरी तरह से सेवा के खोल दिया जाएगा तो ज्यूरिख से उत्तरी इटली स्थित मिलान तक का सफर मात्र दो घंटे चालीस मिनट में पूरा किया जा सकेगा और इससे लगभग एक घंटे की बचत होगी। इससे सड़क पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। स नए मार्ग का उद्देश्य रेल भाड़े को कम करना है। स्विस फेडरल रेल सेवा के अनुसार, 2020 तक प्रतिदिन यात्रा करने वाले रेलयात्रियों की संख्या 9000 से बढ़कर 15000 तक हो सकती है।

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इस रेलवे सुरंग का निर्माण आधुनिक तकनीक की वजह से संभव हो पाया। इसकी मुख्य मशीन 410 मीटर लंबी है जो एक मोबाइल कारखाने की तरह काम करती है। यह मशीन पत्थरों को काट कर उनके टुकड़े पीछे की तरफ फेंकते हुए उसी समय पूर्व निर्मित कंक्रीट के टुकड़े रखती जाती है जिससे सुरंग आकार लेती है। इन टुकड़ों को जोडंने के लिए अलग से मसाला लगाया जाता है। स्विस रेल सेवा के अनुसार, सुरंग के ट्रैक के स्लैब को बनाने के लिए 125 मजदूरों ने लगातार तीन शिफ्टों में 43800 घंटों तक बिना रूके कार्य किया।
