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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 17, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'आतंकवादियों का सुरक्षित ठिकाना है पाकिस्तान'

By anand rajEdited By:
Published: Thu, 17 Dec 2015 05:36 PM (IST)Updated: Thu, 17 Dec 2015 05:51 PM (IST)

अमेरिकी सांसद ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर उंगली उठाई है। सांसद ने पाकिस्तान को आतंकवादियों का सुरक्षित ठिकाना और ...और पढ़ें

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वाशिंगटन। अमेरिकी सांसद ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर उंगली उठाई है। सांसद ने पाकिस्तान को आतंकवादियों का सुरक्षित ठिकाना और कट्टरपंथी इस्लामिक सोच का गढ़ बताया है। उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसिया अफगानिस्तान को अस्थिर करने और भारत को धमकाने के लिए आतंकी संगठनों की मदद करती है।
सदन की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष कांग्रेस सदस्य एड रॉयस ने पाकिस्तान पर तीखा हमला करते हुए कहा, कि पाकिस्तान में सरकारें आती हैं और चली जाती हैं, लेकिन पश्चिमोत्तर सीमांत आतंकियों का ठिकाना बना रहता है। उसकी सुरक्षा सेवाएं उन्हें अच्छा इस्लामी आतंकवादी समूह मानते हुए उन्हें बढ़ावा देती हैं।
हालांकि उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सरकार इनका लगातार विरोध कर रही है। पाकिस्तान के मामलों की सुनवाई करते हुए उन्होंने कहा कि परमाणु प्रसार पर लगे प्रतिबंध के लगभग एक दशक बाद भी आतंक के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान अमेरिका का अहम सहयोगी है।
उन्होंने कहा कि समिति पाकिस्तान से लगातार इस बात के लिए कह रही है कि वे चरमपंथी समूहों पर लगाम लगाए। दुर्भाग्यवश पाक परमाणु हथियारों के निर्माण कार्यक्रम में तेजी से लगा हुआ है। साथ ही चरमपंथी इस्लामिक समूहों की शरणस्थली बना हुआ है।
रॉयस ने सेंट बरनार्दीनो हमले का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें ये कहने में बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं हो रहा है कि हमलावर तशफीन मलिक पाकिस्तानी स्कूल में पढ़ा लिखा था, यही नहीं उसने इस्लामी चरमपंथ की विचारधारा को फैलाने का काम किया था।