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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमेरिका और ईरान में शीर्ष स्तर पर ऐतिहासिक वार्ता

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Published: Fri, 27 Sep 2013 04:11 PM (IST)Updated: Fri, 27 Sep 2013 04:22 PM (IST)

अमेरिका और ईरान के बीच 30 वर्षो के लंबे अंतराल के बाद शीर्ष स्तर पर वार्ता हुई जिसमें ईरान ने ...और पढ़ें

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संयुक्त राष्ट्र। अमेरिका और ईरान के बीच 30 वर्षो के लंबे अंतराल के बाद शीर्ष स्तर पर वार्ता हुई जिसमें ईरान ने अपने विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को लेकर समाधान की संभावनाओं को बातचीत की मेज पर रखा।

पढ़ें: ईरानी राष्ट्रपति कुछ महीनों में चाहते हैं परमाणु समझौता

गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में हुई विदेश मंत्री स्तरीय वार्ता को अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने सार्थक करार दिया जबकि उनके ईरानी समकक्ष मुहम्मद जावेद जारिफ ने इसे अच्छा बताया। इसमें पी फाइव प्लस वन (अमेरिका, रूस, फ्रांस, चीन, ब्रिटेन और जर्मनी) के विदेश मंत्री भी मौजूद थे। वार्ता के बाद केरी ने कहा कि यह वार्ता इन संभावनाओं को तलाशने की शुरुआत है कि ईरान के विवादास्पद परमाणु की समस्या को कैसे हल किया जा सकता है। साथ ही आगाह किया कि केवल 'एक वार्ता' और 'सुर में बदलाव' से सभी चिंताएं दूर नहीं होती। इस मसले पर दूसरे दौर की बातचीत अगले महीने 15 और 16 अक्टूबर को जेनेवा में होगी जिस पर वार्ता में शामिल सभी देश सहमत हुए। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि हमने रचनात्मक बातचीत की। मेरे विचार से हम सब इससे खुश हैं कि जारिफ ने अपने विचारों से हमें अवगत कराया। उनके सुर बदले हुए थे और उनका दृष्टिकोण बिल्कुल अलग था जिसमें भविष्य की संभावनाएं दिख रही थीं। 1979 में इस्लामी क्रांति के बाद दोनों देशों के बीच शीर्ष स्तर पर कोई भी बातचीत नहीं हुई है।

ईरानी विदेश मंत्री जारिफ ने वार्ता को बहुत अच्छा करार देते हुए कहा कि हम प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने एक साल के अंदर किसी समाधान पर पहुंचने की उम्मीद जताई। रूहानी की प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए उन्होंने अपने समकक्ष केरी की तारीफ की और उनके रुख को सकारात्मक बताया। साथ ही यह भी कहा कि कुछ साथी अतिमहत्वाकांक्षी दिखे। वे चाहते हैं कि हम तेजी से कदम बढ़ाएं। जबकि ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग भी ईरान के बर्ताव से प्रसन्न दिखे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे के समाधान के लिए बातचीत से किसी नतीजे पर पहुंचना महत्वपूर्ण है।

ईरान चाहता है कि खाली हो जाएं उसकी जेलेंन्यूयार्क। ईरान के उदारवादी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि उनका देश चाहता है कि उसकी जेलें खाली हो जाएं। संयुक्त राष्ट्र अधिवेशन में भाग लेने आए रूहानी ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि जेलों में बंद राजनीतिक कैदियों को रिहा करने की दिशा में उनके देश ने कई कदम उठाए हैं। हम नहीं चाहते हैं कि कोई भी जेल में रहे।

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