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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 16, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बच्चों के साथ दहशतगर्दी के लिए दुनिया में कोई जगह नहीं : मलाला

By manoj yadavEdited By:
Published: Tue, 16 Dec 2014 09:58 PM (IST)Updated: Wed, 17 Dec 2014 09:39 AM (IST)

पाकिस्तान की सामाजिक कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई ने पेशावर में स्कूल पर आतंकी हमले की घटना को हृदय विदारक बताया है। ...और पढ़ें

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लंदन। पाकिस्तान की सामाजिक कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई ने पेशावर में स्कूल पर आतंकी हमले की घटना को हृदय विदारक बताया है। एक बयान में उन्होंने कहा कि वे इस मूर्खतापूर्ण नृशंस हमले से अत्यंत दुखी हैं। इस घटना के जवाब में पाकिस्तानी सरकार और सेना की ओर से उठाए गए कदमों की सराहना भी उन्होंने की। 17 साल की मलाला को संयुक्त रूप से इस साल शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उल्लेखनीय है कि तालिबान ने 2012 में महिलाओं की शिक्षा के हक में आवाज उठाने के कारण मलाला के सिर में गोली मार दी थी। फिलहाल वह ब्रिटेन में रहती हैं।

शांति के नोबेल की विजेता मलाला युसूफजई की प्रतिक्रिया

'इस मूर्खतापूर्ण और नृशंस हमले से मैं अत्यंत दुखी हूं। स्कूल में निर्दोष बच्चों के साथ ऐसी दहशतगर्दी के लिए दुनिया में कोई जगह नहीं है। दुनियाभर के लाखों लोगों के साथ मैं भी अपने भाई, बहनों के लिए दुखी हूं, लेकिन हम कभी नहीं हारेंगे।'

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