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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रासायनिक हथियार सौंप देगा सीरिया

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Published: Tue, 10 Sep 2013 09:26 PM (IST)Updated: Wed, 11 Sep 2013 08:16 AM (IST)

सीरिया पर अमेरिकी हमला टलता दिखाई दे रहा है। सीरिया के विदेश मंत्री वालिद अल-माओलेम ने कहा है कि रासायनिक ...और पढ़ें

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दमिश्क। सीरिया पर अमेरिकी हमला टलता दिखाई दे रहा है। सीरिया के विदेश मंत्री वालिद अल-माओलेम ने कहा है कि रासायनिक हथियार को अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण में देने के रूस के प्रस्ताव को उनके देश ने स्वीकार कर लिया है। अमेरिका ने सीरिया द्वारा रासायनिक हथियार सौंपने की स्थिति में उस पर हमला नहीं करने की बात कही थी। वहीं सीरिया में मुख्य विपक्ष सीरियन नेशनल कॉलिशन ने रूस के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। उसका कहना है कि रूसी प्रस्ताव के बावजूद पश्चिमी देशों को सीरिया पर हमला करना चाहिए।

मास्को में रूसी संसद के स्पीकर सर्गेई नैरिश्किन के साथ मुलाकात के बाद वालिद ने कहा कि अमेरिकी हमले की आशंका को खत्म करने के लिए सीरिया ने रूस के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि उनका देश इसे लेकर सीरिया के साथ विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर रहा है और इसे शीघ्र ही प्रस्तुत कर दिया जाएगा। इस बीच छह अमेरिकी समाचार चैनलों के साथ साक्षात्कार में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि यदि सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद अपने पास से रासायनिक हथियारों का नियंत्रण छोड़ देते हैं तो सीरिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की बिल्कुल आशंका नहीं रहेगी। उन्होंने रूसी प्रस्ताव को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। भारत ने सीरिया के रासायनिक हथियारों को नष्ट करने के रूस के प्रस्ताव का समर्थन किया है। चीन और ईरान ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया है।

दूसरी ओर रूस के साथ मिलकर सीरिया ने संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आइएईए) से कहा है कि वह सीरिया के परमाणु प्रतिष्ठानों पर संभावित हमले से उत्पन्न होने वाले खतरे का आकलन करे। आइएईए में सीरिया के दूत बसाम अल-सब्बाघ ने हमले से उत्पन्न होने वाले परमाणु खतरे को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उधर अमेरिका सीरिया पर हमले के लिए चीन का भी समर्थन प्राप्त करने की कोशिश कर रहा है। उसका कहना है कि इससे उत्तर कोरिया को रासायनिक हमला करने से रोका जा सकेगा और चीन के पड़ोस में सुरक्षा संबंधी चिंता को दूर किया जा सकेगा। अधिकारियों के साथ मुलाकात के लिए बीजिंग गए अमेरिकी उप रक्षा मंत्री जेम्स मिलर ने कहा कि सीरिया के खिलाफ कार्रवाई से रासायनिक हथियारों का प्रयोग नहीं करने के अंतरराष्ट्रीय मानक को कायम रखा जा सकेगा।

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